Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
MIDI Health Analysis: Honest Understanding of Profiles and Experts in 2026 ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म...

इमरान खान को लेकर PTI के प्रदर्शन से हिली शहबाज सरकार! खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लगाने पर विचार, PTI को मिल सकता है बड़ा झटका

0

पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान को लेकर सियासी तूफान मचा हुआ है. पीटीआई पार्टी लगातार उनसे मुलाकात की मांग कर रही है. इसी के साथ जेल के बाहर प्रदर्शन भी किए. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के सेंट्रल जेल रावलपिंडी (अडियाला जेल) के बाहर रातभर धरना देने के कुछ दिनों बाद, पाकिस्तान के जूनियर कानून और न्याय मंत्री बैरिस्टर अकील मलिक ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लगाने पर विचार किया जा रहा है.

उन्होंने केपी प्रांत में “सुरक्षा और शासन से जुड़ी समस्याओं” को गवर्नर शासन लागू करने का कारण बताया. जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मलिक ने कहा कि अफरीदी और उनकी टीम “किसी भी तरह की कामकाजी स्थिति बनाने में बुरी तरह असफल रही है.”

क्यों लगाया जा सकता है गवर्नर रूल?

डॉन के मुताबिक, मलिक ने कहा, “न तो वो (केपी सरकार) किसी तरह का समन्वय या तालमेल केंद्र के साथ रखना चाहते हैं और न ही उन क्षेत्रों में कोई कार्रवाई करते हैं जहां इसकी जरूरत होती है.” मलिक ने कहा,”केपी के हालात खुद इस बात की मांग करते हैं कि इस संबंध में कदम उठाया जाए, ताकि वहां प्रशासनिक ढांचा सुनिश्चित किया जा सके.” मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान सरकार केपी में गवर्नर शासन लगाने के विकल्प पर “गंभीरता से विचार” कर रही है.

कैसे लगाया जाता है गवर्नर शासन?

राज्य मंत्री (MoS) ने कहा कि केपी में गवर्नर शासन लागू करना एक संवैधानिक कदम है, जिसे सिर्फ “पूर्ण आवश्यकता” की स्थिति में उठाया जाता है. पाकिस्तान में गवर्नर शासन प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत लगाया जाता है और ऐसा फैसला लेने का अधिकार सिर्फ राष्ट्रपति के पास होता है.

हालांकि, जब यह बात सामने रखी गई कि अनुच्छेद 234 के तहत गवर्नर राष्ट्रपति को यह कदम उठाने की सिफारिश कर सकता है और इसमें संघीय सरकार की सीधी भूमिका कम होती है, तो राज्य मंत्री ने कहा कि गवर्नर की सिफारिश सिर्फ एक विकल्प है.

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति यह कदम खुद भी उठा सकते हैं, जिसकी मंजूरी बाद में संसद के संयुक्त सत्र से लेनी होगी.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि संविधान के अनुसार गवर्नर शासन शुरू में दो महीनों के लिए लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर बाद में इसे बढ़ाया जा सकता है.

मलिक ने केपी सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वो “मार्गों को बंद करने और प्रांत को देश के बाकी हिस्सों से अलग करने” की योजना बना रही है.

गवर्नर को हटाया जा सकता है?

इस बीच, डॉन ने रिपोर्ट किया कि केपी के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने अपने संभावित हटाए जाने की खबरों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अगर ऐसा कोई निर्णय होता है, तो वह अपनी पार्टी के फैसले को स्वीकार करेंगे.

हालांकि, पिछले हफ्ते कुंडी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी ताकि अपने संभावित स्थानांतरण से जुड़ी खबरों पर चर्चा की जा सके. डॉन के अनुसार, पीएम कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि मुलाकात के दौरान शरीफ ने कुंडी पर पूरा भरोसा जताया और संकेत दिया कि उन्हें हटाने पर विचार नहीं किया जा रहा है.

सीएम अफरीदी ने किया था प्रदर्शन

यह सब उस समय हो रहा है जब केपी के मुख्यमंत्री अफरीदी ने अडियाला जेल के बाहर रातभर का धरना दिया था, क्योंकि उन्हें लगातार आठवीं बार पीटीआई संस्थापक इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं मिली थी. प्रदर्शन गुरुवार दोपहर शुरू हुआ था और इसमें केपी कैबिनेट के सदस्य भी शामिल थे. पीटीआई की ओर से साझा किए गए वीडियो में अफरीदी और पार्टी कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह जेल के बाहर फज्र की नमाज अदा करते दिखे.

डॉन के अनुसार, अफरीदी ने पार्टी की लाइवस्ट्रीम पर घोषणा की कि धरना समाप्त किया जा रहा है और अब वो इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) का रुख करेंगे.

Leave A Reply

Your email address will not be published.