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महाराष्ट्र डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का विपक्ष पर तंज: ‘जनता की समस्याओं पर सवाल करो…’, आखिर क्यों देनी पड़ी शिंदे को यह नसीहत?

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्ष को जनता की समस्याओं को लेकर रूबरू कराया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनता की समस्याओं को सदन में सरकार के सामने रखना होता है. लेकिन महाराष्ट्र में नेता विपक्ष जनता की समस्याओं को छोड़कर उन्हें ही टारगेट करती रहती है.

महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए नागपुर पहुंचे एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विदर्भ में जो अभी हालात हैं. उस हालात को सदन में उठाना चाहिए. लेकिन विपक्ष इसमें पूरी तरह नाकाम है. सरकार अपना काम कर रही है. लेकिन विपक्ष सिर्फ उन पर निशाना साध रहा है. उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी वे मुझसे कह रहे थे कि यह गैर-कानूनी है और मैं गलती से सीएम बन गया. यह सरकार कल से गिर जाएगी. इसके बाद भी हमने ढाई साल तक जनता की सेवा की.

एकनाथ शिंदे पर विपक्ष का फोकस

एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि आज मैं डिप्टी सीएम हूं. विपक्ष के लोग उसके लिए भी वे कहते हैं कि यह गलती से हुआ है. विपक्ष के नेता बनने के लिए आपको लोगों की समस्याएं हल करनी होंगी. लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं कर रहा है. विपक्ष का सारा फोकस उन पर है. विपक्ष को जनता की समस्याएं नहीं दिखती हैं. असल में लोगों ने विपक्ष को अस्वीकार कर दिया है. इन्हें इतनी सीट भी नहीं दी है कि वे नेता विपक्ष बन सकें.

विधानसभा अध्यक्ष के हाथ में विपक्ष नेता का पद

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने नेता विपक्ष बनाने का पूरा हक विधानसभा अध्यक्ष का होता है. उन्होंने यह मामला अध्यक्ष पर छोड़ दिया है. इसमें उनका या सरकार का कोई रोल नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछली लोकसभा में भी उनकी संख्या कम थी. इस बार संख्या बढ़ गई तो नेता विपक्ष मिल गया. मैं यही कहना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में भी विपक्ष को यह काम करना होगा. अगले चुनाव में इतनी संख्या जुटाओं की अपना विपक्ष का नेता चुन सको. उन्होंने अंत में कहा कि लोकशाही में जनता ही सबकुछ होती है. बिना जनता के न सरकार होती और न विपक्ष.

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