Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

नोएडा में GST अधिकारियों ने की जांच, कई कंपनियों ने किया गड़बड़झाला… 8 महीने में 2254 के रजिस्ट्रेशन रद्द

0

नोएडा जिले में कारोबार से जुड़ी बड़ी हलचल सामने आई है जहां राज्य जीएसटी विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि बीते 8 महीनों में नोएडा में 2254 कंपनियां बंद हो चुकी हैं. इनमें से कई कंपनियां सिर्फ कागजों पर चल रही थीं जबकि कई ने लगातार जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किए थे. राज्य जीएसटी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर जिले में करीब 1.25 लाख कंपनियां जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं. इनमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, मशीनरी, सेवा क्षेत्र और मोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं. ये कंपनियां राज्य और केंद्र दोनों तरह के जीएसटी ढांचे में पंजीकृत हैं.

विभाग के अनुसार अप्रैल 2025 से 28 दिसंबर 2025 के बीच जिले में कुल 22,294 नई कंपनियों का जीएसटी पंजीकरण हुआ. इनमें से 11,474 कंपनियां राज्य जीएसटी और 10,820 कंपनियां केंद्रीय जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हुईं. वर्तमान में जिले में 20,040 कंपनियां सक्रिय बताई जा रही हैं.

जीएसटी रिटर्न न भरना बना बड़ा कारण

जांच में सामने आया कि जिन कंपनियों का पंजीकरण रद्द या बंद किया गया उनमें से कई ने लगातार शून्य जीएसटी रिटर्न दाखिल किए. इसके अलावा कई कंपनियों में कारोबार पूरी तरह बंद पाया गया. कुछ मामलों में कंपनियां सिर्फ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्टर्ड थीं. जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों में कमी, गलत पैन विवरण, गलत व्यापार श्रेणी का चयन, अधूरे कागजात और ओटीपी के जरिए सत्यापन न होना भी पंजीकरण रद्द होने की अहम वजहें रहीं. कई मामलों में दिए गए पते गलत पाए गए जिससे जांच में कंपनियों का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं मिला.

10 फीसदी कंपनियों का पंजीकरण खत्म

अपर आयुक्त राज्यकर संदीप भागिया ने बताया कि नई पंजीकृत कंपनियों में से लगभग 10 प्रतिशत कंपनियों का जीएसटी पंजीकरण समाप्त किया गया है. विभाग लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है, ताकि टैक्स चोरी और फर्जी कंपनियों पर लगाम लगाई जा सके.जीएसटी पंजीकरण के लिए कोई भी व्यक्ति www.gst.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकता है.आवेदन के दौरान व्यवसाय,राज्य,ईमेल,मोबाइल नंबर और पैन कार्ड का विवरण देना जरूरी होता है. आवेदन की स्थिति भी पोर्टल पर ट्रैक की जा सकती है. किसी भी समस्या की स्थिति में सेक्टर-148 स्थित जीएसटी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है.

इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों के बंद होने से कारोबारी वर्ग में चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि कारोबारियों को समय पर रिटर्न दाखिल करना और दस्तावेज पूरे रखना बेहद जरूरी है वरना भविष्य में कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.