भोपाल: यह पहली बार है जब योजनाओं का लाभ केवल चुनिंदा आदिवासी ब्लॉकों तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में जरूरतमंद आदिवासियों तक पहुंचाया जा रहा है. सरकार शिक्षा, आवास, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, संचार और संस्कृति संरक्षण के क्षेत्र में एक साथ काम करते हुए बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है.
पहली बार पूरे प्रदेश में सहरिया जनजाति को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. ये बातें भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कही. इस दौरान मंत्री शाह ने आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी.
पीएम आवास योजना में रिकॉर्ड प्रगति
जनजातीय कार्य मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 1 लाख 83 हजार आवासों में से 1 लाख 30 हजार से अधिक मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है. इससे हजारों आदिवासी परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है. वहीं बिजली पहुंचाने में भी बड़ा सुधार हुआ. ऑन-ग्रिड व्यवस्था के तहत स्वीकृत 28 हजार 181 घरों में से 26 हजार 810 से अधिक घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है. वहीं ऑफ-ग्रिड सोलर विद्युतीकरण के माध्यम से 2 हजार 60 घरों में से 1 हजार 122 घरों को बिजली से जोड़ा गया है.
पीएमजीएसवाई के तहत सड़क नेटवर्क का विस्तार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 1 हजार 835 किलोमीटर सड़कों को स्वीकृति मिली है. इनमें से 237 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जिससे दूरस्थ आदिवासी गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है. प्रदेश में 75 करोड़ रुपये की लागत से 125 बहुउद्देशीय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं. प्रति इकाई लागत 60 लाख रुपये है. अब तक 49 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है. ये केंद्र आजीविका और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे.
पट्टा अधिकार मजबूत करने सैटेलाइट इमेजरी मुफ्त मिलेगी
आदिवासियों के भूमि अधिकार को मजबूत करने के लिए 13 दिसंबर 2005 से अब तक की सैटेलाइट इमेजरी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. यह इमेजरी अमेरिका से खरीदी जा रही है, जिससे पट्टा मामलों में पारदर्शिता आएगी.