Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

डिजिटल डकैती: 1500 की आबादी वाले गांव में 27,000 बर्थ सर्टिफिकेट, सिस्टम देख अधिकारी भी दंग।

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां की आर्णी तहसील का एक छोटा सा गांव इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके पीछे की वजह 1300 लोगों की आबादी वाले गांव से 25000 से भी ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है. इसके बाद से ही पुलिस जांच में जुटी हुई है. इस मामले में पुलिस ने बिहार से एक 20 साल के युवक को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है.

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के हजारो जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के मामलों का खुलासा उस समय हुआ जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने शेंदुरसनी ग्राम पंचायत के ‘सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ CRS की जांच की थी. इस जांच में ही सामने आया था कि गांव की आबादी महज 1300 है. जबकि अब तक 27 हजार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं.

अब तक की जांच में सामने आया है कि एक पूरे प्रमाण पत्र पिछले एक महीने के भीतर ही बनाए गए हैं.इतनी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन देखकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी. अब पूरे मामले में सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है.

बिहार से गिरफ्तार हुआ एक युवक

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए बिहार से 20 वर्षीय आदर्श कुमार दुबे को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सरकारी सर्वर में सेंध लगाकर देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए ये फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए थे. फिलहाल युवक को 12 जनवरी तक के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है.

शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू

यवतमाल शहर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच फिलहाल सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO), यवतमाल के नेतृत्व में की जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता और संभावित नतीजों को देखते हुए, गृह विभाग ने ADG, महाराष्ट्र साइबर की देखरेख में SIT के माध्यम से एक व्यापक जांच शुरू करने का फैसला किया है. इसी हफ्ते एसआईटी टीम गांव का दौरा भी कर सकती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.