जानकारी के मुताबिक 12 मार्च की रात नागेश साहू काम के सिलसिले में भिलाई पहुंचे थे. वह पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास अपने कुछ साथियों के साथ खड़े थे. इसी दौरान छावनी थाने में पदस्थ दो कॉन्स्टेबल लव पांडेय और राकेश चौधरी वहां पहुंचे और आसपास खड़े लोगों को हटाने लगे. पुलिस को देखकर कई लोग वहां से चले गए, लेकिन नागेश और उनके कुछ साथी वहीं खड़े रहे.
बंदूक के बट से मारने का आरोप
इसके बाद वीडियो के मुताबिक कॉन्स्टेबल राकेश चौधरी उनके पास पहुंचते हैं और बंदूक को उल्टा कर उसके बट से नागेश साहू पर वार करते हैं. इसके बाद उनका कॉलर पकड़कर पीछे धकेलते भी दिखे. घटना के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है.
पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप
आनंद साहू समेत कुछ लोग वीडियो के बाद पुलिस की इस कार्रवाई को खुली गुंडागर्दी बता रहे हैं. आरोप है कि पुलिसकर्मी नशे में भी हो सकते थे, क्योंकि उनके शर्ट के बटन खुले हुए थे. नागेश के पहचान वालों ने कहा कि नागेश ने कोई गलती नहीं की थी, इसलिए वह वहां से भागे नहीं. पुलिस का काम आम लोगों की सुरक्षा करना है, न कि उनके साथ मारपीट करना.
एसएसपी से शिकायत की तैयारी
घटना के बाद साहू समाज और भाजपा पदाधिकारियों में नाराजगी है. परिजनों ने कहा है कि वे जल्द ही दुर्ग के एसएसपी से मुलाकात कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे. फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की बात कही जा रही है.