Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

Mumbai Dabbawala Crisis: LPG किल्लत से जूझ रही मुंबई की 135 साल पुरानी ‘डिब्बा सर्विस’, रोजगार पर संकट

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की पहचान माने जाने वाला मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन इन दिनों एक बड़े संकट से गुजर रहा है. करीब 135 साल पुरानी यह अनोखी टिफिन डिलीवरी सेवा, जो अपनी सटीक टाइमिंग और बेहतरीन प्रबंधन के लिए दुनियाभर में फेसम है. अब एलपीजी गैस की कमी के कारण प्रभावित हो रही है.

मुंबई के डब्बेवाले सिर्फ एक डिलीवरी सिस्टम नहीं, बल्कि अनुशासन, भरोसे और समर्पण का प्रतीक माने जाते हैं. उनकी कार्यप्रणाली को मैनेजमेंट की पढ़ाई में केस स्टडी के तौर पर शामिल किया जाता है. यहां तक कि यूके के किंग चार्ल्स थर्ड ने भी अपने मुंबई दौरे के दौरान डब्बेवालों से मुलाकात कर उनकी कार्यशैली की तारीफ की थी. 

एलपीजी सिलेंडर की कमी से संकट में डब्बावाला

मौजूदा हालात ने इस ऐतिहासिक व्यवस्था को झकझोर दिया है. एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण शहर के कई छोटे मेस, किचन और टिफिन बनाने वाले केंद्र बंद होने लगे हैं. इसका सीधा असर डब्बेवालों के काम पर पड़ रहा है. पहले जहां रोजाना बड़ी संख्या में टिफिन डिलीवर किए जाते थे. अब उसमें लगातार गिरावट हो रही है.

डब्बेवालों का कहना है कि गैस की कमी के चलते घरों में भी खाना बनना प्रभावित हुआ है, जिससे घर से आने वाले टिफिन की संख्या कम हो गई है. इसका असर उनकी आमदनी पर साफ तौर पर पड़ रहा है. दशकों से बिना रुके चलने वाली यह सेवा अब संसाधनों की कमी के कारण धीमी पड़ रही है.

खड़ा हो सकता है रोजी-रोटी का संकट

टीवी9 भारतवर्ष ने जब डब्बेवालों से बातचीत की, तो उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर जल्द ही एलपीजी संकट का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो हमारी पूरी व्यवस्था बाधित हो जाएगी और रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.