Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

Vaishakh Masik Shivratri 2026: आज है वैशाख मास की शिवरात्रि, जानें पूजा का सटीक मुहूर्त और विशेष संयोग

Masik Shivratri 2026 Date: हिंदू धर्म में शिव पूजा के लिए शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. लेकिन साल 2026 में वैशाख का महीना शिव भक्तों के लिए बेहद खास होने वाला है. इस साल 15 अप्रैल को एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो साधकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जा रहा है. आइए जानते हैं क्यों खास है इस बार की वैशाख शिवरात्रि और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त.

वैशाख मासिक शिवरात्रि की तिथि और शुभ समय

पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल 2026 को रात 10 बजकर 32 मिनट पर होगी और इसका समापन 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 12 मिनट पर होगा. शिवरात्रि व्रत का पालन निशिता काल के आधार पर किया जाता है, इसलिए इस बार व्रत 15 अप्रैल 2026 को ही रखा जाएगा. इस दौरान रात्रि में भगवान शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है.

बुध प्रदोष और शिवरात्रि का दुर्लभ महासंयोग

इस बार की शिवरात्रि को खास बनाने वाला सबसे बड़ा कारण है बुध प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का एक साथ पड़ना. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब त्रयोदशी (प्रदोष) और चतुर्दशी (शिवरात्रि) तिथि का प्रभाव एक ही दिन में आता है, तो यह महासंयोग बनता है. इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से दोगुना पुण्य प्राप्त होता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.