Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

MP Board Toppers: भागवताचार्य की बेटी ने 12वीं में हासिल किया दूसरा स्थान, 10वीं में अनमोल गोयल को 4th रैंक

भोपाल: मध्य प्रदेश में पिछले चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस अब पार्टी संगठन की जमीनी हकीकत को खंगालने में जुटी है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार से 4 दिन का मंथन शुरू किया है, जिसमें प्रदेश भर के सभी जिला अध्यक्षों को उनके कामकाज की कसौटी पर कसा जा रहा है. कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की मौजूदगी में जिला अध्यक्षों के कामकाम की समीक्षा की शुरूआत की गई. पहले दिन उज्जैन सहित कई जिलों के अध्यक्षों से चर्चा की गई.

एक दर्जन मुद्दों पर हुई समीक्षा

जिला अध्यक्षों की समीक्षा बैठक की शुरूआत उज्जैन संभाग के जिला अध्यक्षों से की गई. समीक्षा बैठक में पीसीसी प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, सुखदेव पांसे, संगठन महासचिव संजय कामले मौजूद थे.

संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत पार्टी संगठन को मजबूत करने के के लिए जिला अध्यक्षों को सौंपे गए कार्यों और उनकी सक्रियता को लेकर सवाल जवाब किए गए. अध्यक्षों का मूल्यांकन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में सक्रियता, क्षेत्र में सक्रियता, जिला इकाई के कार्यक्रमों में सहभागिता जैसे कामों को लेकर चर्चा की गई. जिला अध्यक्षों से पूरी रिपोर्ट सामने रखकर समीक्षा की गई.

विधायक बोले 10 में से 8 में पास

कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि “संगठन सृजन के माध्यम से हुई नियुक्ति के बाद से सौंपे गए कामों की समीक्षा हुई है. बैठक में हमारे कामों की समीक्षा के अलावा आगामी मुद्दों को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई. कांग्रेस द्वारा पंचायत और वार्ड कमेटियों का गठन किया जाना है. इसको लेकर चर्चा की गई. साथ ही सरकार के नीतियों के खिलाफ महिलाओं, युवाओं को किस तरह जोड़ा जा सकता है, इसको लेकर रणनीति बनाई गई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई.”

उन्होंने कहा कि “हमें जो 10 चुनौतियां सौंपी गई थी, उसमें से 8 से 9 में हम सफल हुए हैं. जो भी कमियां हैं उसे दूर किए जाने के निर्देश दिए गए हैं.”

17 को होगा ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन

समीक्षा बैठक में कमजोर पाए जाने वाले जिला अध्यक्षों की छुट्टी की जा सकती है. समीक्षा बैठक के बाद ऐसे सभी जिला अध्यक्षों का रिजल्ट तैयार किया जाएगा. समीक्षा 18 अप्रैल तक चलेगी. उधर पीसीसी में विधानसभा प्रभारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा हुई. इसमें विधानसभावार सरकार के खिलाफ रणनीति पर मंथन किया गया. 17 अप्रैल को ब्लॉक अध्यक्षों का पहला सम्मेलन भी रवीन्द्र भवन में बुलाया गया है. इसमें सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, संगठन महासचिव शामिल होंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.