Indian Education Update: एनसीईआरटी ने अपडेट किया कक्षा 9 का सोशल साइंस पाठ्यक्रम; SIR, EVM और गठबंधन सरकारों को मिली जगह
नई दिल्ली: एनसीईआरटी ने अपनी कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई किताब में भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को और अधिक विस्तार से समझाया गया है, साथ ही इसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को भी मुख्यधारा में जगह दी गई है।
🗳️ भारत की चुनावी प्रक्रिया और SIR का महत्व
किताब में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को ‘बेमिसाल’ बताते हुए विस्तार से चर्चा की गई है:
-
चुनाव आयोग: स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों के लिए आयोग की भूमिका।
-
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन): मतदाता सूची को अपडेट, वेरीफाई और त्रुटिहीन बनाने की प्रक्रिया। इसके माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ना और गलत प्रविष्टियों को हटाना सुनिश्चित किया जाता है।
-
सुरक्षा उपाय: EVM, VVPAT, आदर्श आचार संहिता और मतदाता जागरूकता अभियान को सुरक्षा के मुख्य स्तंभ बताया गया है।
-
गठबंधन सरकार: छात्रों को 1977 से 2024 तक के लोकसभा चुनावों के बाद बनी गठबंधन सरकारों का अध्ययन करने के लिए कहा गया है।
📜 वेदों और प्राचीन ज्ञान परंपरा का अध्ययन
नई किताब में भारत की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए वेदों को शामिल किया गया है:
-
चारों वेद: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का परिचय।
-
आधारशिला: वेदों को भारतीय दर्शन, समाज, शिक्षा, संगीत और जीवन मूल्यों का आधार बताया गया है। छात्रों को प्राचीन भारतीय ज्ञान के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
🚺 महिला आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व
किताब का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर केंद्रित है:
-
सीमित प्रतिनिधित्व: मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बावजूद राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अब भी कम है।
-
स्थानीय निकाय: पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सफल भागीदारी के उदाहरण दिए गए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि शासन में महिलाओं का होना सकारात्मक सामाजिक बदलाव का आधार है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.