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US-Iran Tensions: अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ी तनातनी; जेडी वेंस की चेतावनी, कहा- ‘ईरान ने हमला किया तो मिलेगा सख्त जवाब’

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वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव गहरा गया है। हालिया सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच कटुता चरम पर है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान ने पुनः हिंसा का रास्ता अपनाया, तो अमेरिका इसका करारा जवाब देगा। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगला जवाब और अधिक विनाशकारी होगा।

🔥 अमेरिका और ईरान का एक-दूसरे पर आरोप

तनाव की शुरुआत होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले से हुई, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया। जेडी वेंस ने ‘X’ पर स्पष्ट किया कि अमेरिका सीजफायर का पालन कर रहा है और यदि ईरान को कोई शिकायत है, तो वह बातचीत के जरिए हल निकाल सकता है। इसके विपरीत, ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के इब्राहिम अजीजी ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों का अपमान है।

📉 ‘ईरान की सैन्य ताकत हुई कमजोर’ – डोनाल्ड ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की स्थिति पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इजराइली हमलों ने ईरान की सैन्य कमर तोड़ दी है। ट्रंप के अनुसार:

  • ईरान की ड्रोन क्षमता 82%, मिसाइल क्षमता 80% और रॉकेट लॉन्चर 90% तक घट गए हैं।

  • ईरान की वायु सेना, नौसेना और रडार प्रणाली को गंभीर क्षति पहुँची है।

  • ट्रंप का यह भी कहना है कि ईरान के कई शीर्ष नेतृत्व मारे जा चुके हैं और वहां नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है।

🌍 भू-राजनीतिक चिंताएं

राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिका एक ऐसे ऐतिहासिक समझौते की ओर बढ़ रहा है जिससे ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। हालांकि, वर्तमान में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ईरान के पलटवार की आशंका के चलते क्षेत्र में तनाव बरकरार है।

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