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Sahakarita Saptah Rajnandgaon: राजनांदगांव में सहकारिता सप्ताह की तैयारी; 20 हजार नए सदस्य बनाने का लक्ष्य

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राजनांदगांव: प्रदेश में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। बैंक अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल और उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान करीब 1.5 लाख सदस्यों तक पहुंचने और 20 हजार नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

📅 सदस्यता और जागरूकता का आगाज़

सप्ताह की शुरुआत 29 जून को ‘पैक्स सशक्तिकरण एवं सहकारिता जागरूकता’ कार्यक्रम से होगी। इस दौरान बायोमेट्रिक पंजीयन और सदस्यता विस्तार पर जोर दिया जाएगा। अध्यक्ष सचिन बघेल ने कहा, “सहकारिता आंदोलन जितना मजबूत होगा, गांव और किसान उतने ही आत्मनिर्भर बनेंगे।”

🚜 आधुनिक तकनीक और KCC का वितरण

30 जून से 2 जुलाई तक कार्यक्रमों का विशेष दौर चलेगा:

  • 1 जुलाई: किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने हेतु ड्रोन से तरल उर्वरक छिड़काव का लाइव प्रदर्शन।

  • 2 जुलाई: महिला हितग्राहियों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ते हुए एटीएम, केसीसी (KCC) और रूपे केसीसी कार्ड का वितरण।

🩺 स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनऔषधि पर जोर

3 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। वहीं, 4 जुलाई को पैक्स संचालित जनऔषधि केंद्रों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे, जहां आम नागरिकों को परामर्श और जांच की सुविधा मिलेगी।

🎖️ 10 आदिवासी जिलों में विशेष अभियान और सम्मान

5 जुलाई को राजनांदगांव सहित प्रदेश के 10 आदिवासी जिलों में विशेष सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इसी दिन उत्कृष्ट कार्य करने वाली सहकारी समितियों और सदस्यों को ‘सहकार प्रेरणा पुरस्कार’ देकर सम्मानित किया जाएगा। सप्ताह का समापन 6 जुलाई को रायपुर में होगा, जहाँ एफसीआई (FCI) के 9 गोदामों के निर्माण का भूमिपूजन किया जाएगा।

📊 बैंक के बेहतर प्रदर्शन का दावा

प्रेसवार्ता में बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला गया। खरीफ 2026 के लिए कृषि ऋण, बीज और रासायनिक उर्वरकों के वितरण में राजनांदगांव बैंक लगातार लक्ष्यों को पार कर रहा है। सहकारिता सप्ताह के दौरान इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

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