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5 महीने के इंतजार के बाद 26 अगस्त को रिलीज होगी यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’

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साउथ सिनेमा के सुपरस्टार यश के प्रशंसक लंबे समय से उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ (Toxic) की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

पूर्व में मार्च के महीने में इस फिल्म की रिलीज को आगे बढ़ा दिया गया था। अब 5 महीने के लंबे इंतजार के बाद यह फिल्म 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में धमाकेदार दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म के भव्य प्रदर्शन से पूर्व यश इसके प्रमोशन और प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं। इसी सिलसिले में एक हालिया इंटरव्यू के दौरान अभिनेता ने अपने जीवन, संघर्ष और अपने पिता के साथ अपने अनोखे रिश्ते को लेकर कई भावुक और प्रेरणादायक बातें साझा कीं।

👨‍👦 ‘सुपरस्टार बनने के बाद भी आज डांटते हैं पापा’, यश ने साझा किया पारिवारिक किस्सा

इंटरव्यू के दौरान जब यश से पूछा गया कि उनके देशव्यापी बड़ा स्टार बनने के बाद उनके पिता की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए भारतीय माता-पिता के स्वभाव का जिक्र किया।

यश ने बताया कि उनके पिता का स्वभाव आज भी बेहद सहयोगी (सपोर्टिव) है, लेकिन वे आज भी उन्हें डांटते हैं और आलोचना करते हैं। उनके पिता को लगता है कि यश के भीतर आज भी थोड़ा बचपना है और दुनिया में कोई भी उन्हें आसानी से उल्लू बना सकता है। यश ने कहा कि भारतीय माता-पिता ऐसे ही होते हैं; आप जीवन में चाहे जितने बड़े मुकाम पर पहुंच जाएं, वे हमेशा आपको समझाते और टोकते रहेंगे, और यही उनका सच्चा प्यार और दुलार होता है।

🚌 स्टार बनने के बावजूद पिता क्यों चलाते रहे बस? यश ने बयां किया सच

जब यश से पूछा गया कि जब वे सिनेमा के बड़े स्टार बन गए थे, तब भी उनके पिता ने लंबे समय तक बस ड्राइवर की नौकरी जारी क्यों रखी, तो यश ने उस दौर की यादें साझा कीं।

यश ने बताया कि उनके पिता ने एक समय सीमा तक अपना काम पूरी लगन से जारी रखा और जब उनकी बहन को बच्चा हुआ, तब जाकर उन्होंने बस चलाना बंद किया। यश के अनुसार, जब भी वे पिता से काम छोड़ने का आग्रह करते थे, तो पिता सीधे कहते थे— “तू अपना काम कर, मैं अपना काम करता हूं।” समाज में लोग अक्सर बातें बनाते थे कि ‘बेटा ऑडी में घूमता है और बाप अभी भी सरकारी बस चलाता है।’

🚗 इम्पोर्टेड कार से ड्यूटी जाते थे पिता, यश ने बताई आत्मसम्मान की कहानी

यश ने आगे बताया कि उन्होंने अपने पिता को एक लग्जरी इम्पोर्टेड कार खरीद कर दी थी और कहा था कि अगर उन्हें ड्राइविंग करने जाना ही है, तो वे अपनी गाड़ी से जाएं।

यश ने खुलासा किया कि उनके पिता यश के स्टारडम के कारण मिलने वाले सम्मान को अपना नहीं मानते थे। वे अपने साथी कर्मचारियों और साथियों से अपने काम के दम पर मिलने वाले सम्मान को असली पहचान मानते थे। यश उन्हें इम्पोर्टेड गाड़ी में भेजते थे और वहां पहुंचकर वे अपनी ड्यूटी करते थे। उनके पिता हमेशा कहते थे कि वे यह काम पैसों के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान, खुशी और संतुष्टि के लिए करते हैं।

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