बारिश में भी जारी है CGL व JPSC अभ्यर्थियों का महा-आंदोलन: कोर्ट जाने की तैयारी, सरकार को दिया अल्टीमेटम
रांची (झारखंड): राज्य सरकार द्वारा जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को निरस्त करने के निर्णय के विरोध में सफल अभ्यर्थियों और कार्यरत कर्मियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
सरकार के इस अप्रत्याशित कदम से प्रभावित कर्मचारी और चयनित अभ्यर्थी राजधानी रांची स्थित झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि सरकार ने बिना सोचे-समझे एक तुगलकी फरमान जारी कर 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल (CGL) में चयनित योग्य युवाओं को एक झटके में सड़क पर ला खड़ा किया है।
⚖️ ‘न्याय दो या फांसी दो’ के नारों से गूंजा परिसर, सरकार को दिया खुला अल्टीमेटम
मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने सरकार के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है:
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अधिसूचना वापस लेने की मांग: प्रदर्शनकारी कर्मचारी हाथों में तख्तियां लेकर ‘न्याय दो या फांसी दो’ के नारों के साथ परीक्षा निरस्तीकरण की अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
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अनिश्चितकालीन धरना: आंदोलनकारी कर्मियों ने दो टूक अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस लेकर उनकी बहाली बहाल नहीं करती, तब तक वे मंत्रालय के सामने से नहीं हटेंगे।
🌧️ भारी बारिश के बीच भी जारी रहा महा-धरना, कोर्ट जाने की तैयारी
मौसम की मार के बावजूद अभ्यर्थियों के हौसले और विरोध में कोई कमी देखने को नहीं मिली:
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अदालती आदेशों की दुहाई: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी नियुक्तियां हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हुई थीं। इसके बावजूद सरकार ने न्यायिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए बहालियों को एक झटके में रद्द कर दिया।
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विधिक लड़ाई का संकल्प: आंदोलनरत कर्मियों ने स्पष्ट किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ बहुत जल्द उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
✊ बिरसा मुंडा के जयकारों और नारों से गूंजा मंत्रालय गेट, जेपीएससी पदाधिकारी भी शामिल
प्रदर्शन स्थल पर भारी गहमागहमी और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है:
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नारेबाजी और आक्रोश: एक तरफ जहां प्रदर्शनकारी ‘भगवान बिरसा मुंडा अमर रहे’ के नारे लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और प्रशासनिक नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी हो रही है।
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सिविल सेवा के सफल अभ्यर्थी: इस बड़े आंदोलन में केवल तृतीय वर्ग के सीजीएल कर्मी ही नहीं, बल्कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से चयनित कई नवनियुक्त प्रशासनिक पदाधिकारी भी अपने हक के लिए शामिल हैं।
🗣️ ‘कल तक अफसर थे, आज सड़क पर ला दिया’ — कर्मियों ने बयां किया दर्द
आंदोलनकारियों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है:
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कर्मियों का छलका दर्द: आंदोलन में शामिल संजीत ने कहा कि सरकार ने उनके साथ घोर अन्याय किया है। जिस प्रोजेक्ट भवन में वे कल तक पूरे सम्मान और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे थे, उसी दफ्तर से आज उन्हें बाहर कर दिया गया।
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उग्र आंदोलन की चेतावनी: कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी नौकरी वापस लेकर रहेंगे। यदि सरकार ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य में व्यापक रूप से फैलाया जाएगा।
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