रामगढ़ के हेहल स्थित स्पंज आयरन फैक्टरी में भीषण टरबाइन ब्लास्ट: 3 इंजीनियरों की दर्दनाक मौत, 1 गंभीर
रामगढ़ (झारखंड): रामगढ़ जिले के बरकाकाना थाना क्षेत्र अंतर्गत हेहल में संचालित स्पंज आयरन फैक्टरी के पावर प्लांट में एक भीषण टरबाइन ब्लास्ट हो गया। इस भयावह औद्योगिक हादसे में तीन इंजीनियरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल इंजीनियर को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के तुरंत बाद फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों, स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है।
🛑 फैक्टरी गेट पर धरने पर बैठे बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, पतरातू-रामगढ़ मुख्य मार्ग जाम
धरना-प्रदर्शन और ग्रामीणों का रोष:
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फैक्टरी गेट का घेराव: हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मजदूर फैक्टरी के मुख्य गेट पर एकत्रित हो गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सड़क जाम और तनाव: आक्रोशित ग्रामीणों ने पतरातू-रामगढ़ मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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धरने में शामिल हुए विधायक: मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी भी फैक्टरी गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कहा कि मामले को केवल कागजी या औपचारिक जांच तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा।
💰 ₹2 करोड़ मुआवजे और बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी ले प्रबंधन: विधायक की दो टूक मांग
मुआवजे और राहत को लेकर प्रमुख मांगें:
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पर्याप्त वित्तीय सहायता: विधायक रोशन लाल चौधरी ने फैक्टरी प्रबंधन से मांग की है कि मृतक इंजीनियरों के पीड़ित परिवारों को कम से कम 1.5 से 2 करोड़ रुपये का सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।
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आश्रितों के भविष्य की सुरक्षा: जिन इंजीनियरों के परिवार में छोटे और मासूम बच्चे हैं, उनके संपूर्ण भरण-पोषण और उच्च शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी फैक्टरी प्रबंधन वहन करे।
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घायल का समुचित इलाज: गंभीर रूप से झुलसे/घायल इंजीनियर को बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
🔍 सुरक्षा मानकों और एनओसी (NOC) पर उठे गंभीर सवाल, पूर्व शिकायतों की अनदेखी का आरोप
लापरवाही और निरीक्षण व्यवस्था पर सवालिया निशान:
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सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: विधायक ने आरोप लगाया कि प्रथम दृष्टया यह हादसा फैक्टरी प्रबंधन की घोर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है।
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एसी की जगह कूलर लगाने का खेल: उन्होंने दावा किया कि प्लांट में तकनीकी उपकरणों के तापमान नियंत्रण के लिए लगे एसी खराब थे, जिसकी वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर महज कूलर लगाकर खानापूर्ति की गई और निरीक्षण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में एनओसी जारी कर दी गई।
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अधिकारियों की जवाबदेही तय हो: श्रम, सुरक्षा, पर्यावरण एवं अग्निशमन विभाग के जिन अधिकारियों ने निरीक्षण में ढिलाई बरती, उनके खिलाफ भी सख्त आपराधिक और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
🏭 पूरे रामगढ़ जिले की औद्योगिक इकाइयों की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच की मांग
व्यापक जांच और प्रशासनिक स्थिति:
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सभी फैक्ट्रियों का ऑडिट हो: विधायक ने मांग रखी कि जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों, स्पंज आयरन व पावर प्लांट्स की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे प्रदूषण, सुरक्षा और श्रम कानूनों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
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प्रबंधन के ढुलमुल रवैये से नाराजगी: अब तक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस सकारात्मक पहल न होने के कारण प्लांट परिसर में तनाव बना हुआ है।
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मौके पर भारी पुलिस बल: विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से शांति की अपील कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
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