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नारी शक्ति को नई ताकत: NSG ने शुरू किया पहला महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स, 12 हफ्ते की कड़ी ट्रेनिंग

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नई दिल्ली/मानेसर: भारत की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों में नारी शक्ति को अग्रिम मोर्चे पर लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने एक ऐतिहासिक शुरुआत की है।

एनएसजी ने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की महिला जवानों के लिए पहली बार ‘महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ (MCCC) का शुभारंभ किया है। एनएसजी की मानेसर स्थित राष्ट्रीय प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित यह 12 सप्ताह का विशेष कार्यक्रम महिला जवानों को शारीरिक, मानसिक, तकनीकी और रणनीतिक रूप से सशक्त कर उन्हें विशेष अभियानों के लिए तैयार करेगा।

🎯 12 हफ्ते का कठिन प्रशिक्षण: हथियार, रणनीति और बंधक बचाव अभियान

कमांडो ट्रेनिंग मॉड्यूल के प्रमुख बिंदु:

  • फिजिकल फिटनेस एवं एंड्योरेंस: महिला जवानों के शारीरिक दमखम और सहनशक्ति को अंतरराष्ट्रीय कमांडो मानकों के अनुरूप विकसित करना।

  • सटीक निशानेबाजी (मार्क्समैनशिप): अत्याधुनिक हथियारों के संचालन, त्वरित फायरिंग और विभिन्न परिस्थितियों में सटीक निशानेबाजी का सघन अभ्यास।

  • बंधक बचाव अभियान (Hostage Rescue): जटिल बंधक स्थितियों से निपटने और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष रणनीतिक तकनीकें।

  • आतंकवाद विरोधी रणनीति (Counter-Terror Tactics): शहरी, ग्रामीण और बहुमंजिला इमारतों में छिपे आतंकियों को बेअसर करने की क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) ट्रेनिंग।

⚡ देश भर के लिए तैयार होगा ट्रेंड महिला कमांडोज का मजबूत पूल

प्रशिक्षण का रणनीतिक उद्देश्य और अंतर-बल समन्वय:

  • विशेषज्ञ क्षमता निर्माण: यह कोर्स केवल व्यक्तिगत दक्षता तक सीमित न रहकर सुरक्षा बलों में विशेषज्ञ महिला कमांडोज का एक विस्तृत और दक्ष पूल तैयार करने पर केंद्रित है।

  • कॉमन ट्रेनिंग स्टैंडर्ड: विभिन्न राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समान प्रशिक्षण मानक (Common Standards) और निर्बाध इंटरऑपरेबिलिटी विकसित करना।

  • ऑपरेशनल क्षमता: बलों के बीच तालमेल बढ़ने से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और संयुक्त आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।

👮‍♀️ ट्रेनिंग पूरी कर मूल बलों में लौटेंगी कमांडोज, साझा करेंगी अनुभव

कमांडो कोर्स के बाद की कार्ययोजना:

  • मूल इकाइयों में वापसी: 12 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ये महिला कमांडोज अपनी-अपनी मूल पुलिस या सीएपीएफ इकाइयों में वापस तैनात होंगी।

  • ज्ञान और कौशल का प्रसार: वहां वे एनएसजी से सीखे गए आधुनिक टैक्टिक्स, उन्नत ऑपरेशनल कौशल और तकनीकी विशेषज्ञता को अन्य जवानों के साथ साझा करेंगी।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: इससे देश के विभिन्न राज्यों और सुरक्षा बलों में जमीनी स्तर पर आतंकवाद रोधी तंत्र को व्यापक और बहुआयामी विस्तार मिलेगा।

🌟 सुरक्षा अभियानों में बढ़ता महिला प्रतिनिधित्व: ऑपरेशनल ताकत में बदला संकल्प

नारी शक्ति का सामरिक नेतृत्व:

  • समान जिम्मेदारियां: पहला MCCC सुरक्षा क्षेत्र में महिलाओं की केवल प्रतीकात्मक भागीदारी नहीं, बल्कि उन्हें संवेदनशील और जोखिम भरे सुरक्षा अभियानों में निर्णायक भूमिका निभाने के योग्य बनाना है।

  • साहस और नेतृत्व: “She Who Dares, Leads” (जो साहस करती है, वही नेतृत्व करती है) के मूल मंत्र के साथ महिला जवानों को अग्रिम पंक्ति के कमांडो नेतृत्व के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

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