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जीवाजी विश्वविद्यालय रिजल्ट पर भारी बवाल: BA फर्स्ट ईयर में 50% से ज्यादा छात्रों को सप्लीमेंट्री, पुनर्मूल्यांकन की मांग

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ग्वालियर (मध्य प्रदेश): जीवाजी विश्वविद्यालय एक बार फिर परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय द्वारा बीए (BA) प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम जारी किए जाने के बाद असामान्य रूप से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री मिलने से आक्रोश फैल गया। नाराज छात्र-छात्राओं ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन पहुंचकर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि विशेष रूप से ‘इंग्लिश लैंग्वेज फाउंडेशन’ विषय में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, जिसके चलते अधिकांश छात्र फेल या सप्लीमेंट्री के दायरे में आ गए हैं।

📊 13,823 में से 6,935 छात्र सप्लीमेंट्री, केवल 6,335 हुए पास

परीक्षा परिणाम के आधिकारिक आंकड़े:

  • कुल परीक्षार्थी: बीए प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा में कुल 13,823 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।

  • उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण: इनमें से मात्र 6,335 विद्यार्थी ही पूरी तरह पास घोषित हुए, जबकि 550 विद्यार्थी फेल (अनुत्तीर्ण) हो गए।

  • सप्लीमेंट्री की संख्या: चौंकाने वाली बात यह है कि कुल 6,935 विद्यार्थियों को किसी न किसी विषय में सप्लीमेंट्री दी गई है।

  • आधे से अधिक प्रभावित: परीक्षा में शामिल 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों का परिणाम रुकने के कारण विश्वविद्यालय की कॉपी जांचने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

📝 माधव कॉलेज में 187 में से सिर्फ 7 छात्र पास: 2-3 अंक मिलने से छात्र स्तब्ध

कॉलेजवार स्थिति और छात्रों के आरोप:

  • माधव महाविद्यालय का आंकड़ा: माधव कॉलेज के विद्यार्थियों ने दावा किया कि बीए प्रथम वर्ष फाउंडेशन पेपर में 187 विद्यार्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से 180 को सप्लीमेंट्री दे दी गई और केवल 7 छात्र ही उत्तीर्ण हो सके।

  • 2-3 अंक मिलने का दावा: छात्रों ने बताया कि उन्होंने मुख्य परीक्षा में 28 से 30 पेज तक उत्तर लिखे थे और पेपर काफी अच्छा हुआ था, फिर भी उन्हें 2 या 3 अंक ही दिए गए हैं, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

  • अन्य विषय भी प्रभावित: अंग्रेजी फाउंडेशन के अतिरिक्त सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र) और पॉलिटिकल साइंस (राजनीति विज्ञान) के विद्यार्थियों ने भी मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

👩‍💼 परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन: कॉपियों की समीक्षा का मिला आश्वासन

प्रशासनिक रुख और आगे की कार्रवाई:

  • पुनर्मूल्यांकन की मांग: प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इंग्लिश फाउंडेशन सहित सभी प्रभावित विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) कराने की मांग की।

  • परीक्षा नियंत्रक का बयान: परीक्षा नियंत्रक आशा कुमारी वर्मा ने बताया कि रिजल्ट हाल ही में घोषित हुआ है और विद्यार्थियों की आपत्तियां व शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

  • तकनीकी व मानवीय जांच: उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय स्तर पर पूरे परिणाम की गहन समीक्षा कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या मानवीय गलती पाई जाती है, तो नियमानुसार तत्काल सुधार किया जाएगा।

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