Local & National News in Hindi

चीनी की महंगाई पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का अजीबोगरीब तर्क; बोले- ’40 पार वाले खाना छोड़ दें, बढ़नी चाहिए कीमतें’

66

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर एक अनोखा और विवादित बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि चीनी बड़ों के लिए अत्यधिक महंगी और केवल बच्चों के लिए सस्ती होनी चाहिए। विजयवर्गीय ने इसके पीछे स्वास्थ्य संबंधी तर्क देते हुए कहा कि चीनी का अधिक सेवन बुजुर्गों और उम्रदराज लोगों की सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है, इसलिए 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को चीनी का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।

🩺 ’40 पार वाले छोड़ दें मीठा’: खुले बाजार में कीमतें बढ़ाने का दिया सुझाव

मंत्री के बयान के प्रमुख बिंदु:

  • स्वास्थ्य का तर्क: मीडिया से बातचीत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल 90 प्रतिशत लोग मीठा खाना छोड़ चुके हैं और डॉक्टर भी 40 की उम्र के बाद चीनी खाने को सेहत के लिए ठीक नहीं मानते।

  • दाम बढ़ाने की वकालत: उन्होंने कहा कि खुले बाजार में चीनी की कीमतें और अधिक बढ़ा दी जानी चाहिए, ताकि वयस्क और बुजुर्ग लोग इसे खरीदने से परहेज करें।

  • राशन दुकानों पर रियायत: उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी उचित मूल्य की राशन दुकानों पर चीनी केवल बच्चों के उपयोग के लिए सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

⚔️ ‘गरीब और मध्यम वर्ग का उड़ा रहे मजाक’: जीतू पटवारी का तीखा हमला

कांग्रेस का पलटवार और राजनीतिक प्रतिक्रिया:

  • कांग्रेस का विरोध: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री के इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे असंवेदनशील करार दिया।

  • महंगाई का मुद्दा: जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि जब त्योहारी सीजन में आम जनता, मध्यम वर्ग और गरीब परिवार रसोई के बढ़ते बजट से परेशान हैं, तब भाजपा के वरिष्ठ मंत्री जनता की तकलीफों का मजाक उड़ा रहे हैं।

  • नीतियों पर सवाल: विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रही है और नेताओं के ऐसे बयान जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसे हैं।

📈 त्योहारी सीजन में चीनी के खुदरा दामों में उछाल, नीतिगत उपायों पर चर्चा

बाजार की स्थिति और खाद्य महंगाई:

  • मांग में तेजी: रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के चलते देशभर के खुदरा बाजारों में चीनी की मांग और कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है।

  • नीतियों पर बहस: विपक्ष ने सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग और बफर स्टॉक प्रबंधन से जुड़ी नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

  • आयात व नियंत्रण: सरकार द्वारा मिलों की दरों को स्थिर रखने और आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए उठाए गए कदमों के बावजूद खुदरा बाजार में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे खाद्य महंगाई पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.