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शामली एनकाउंटर में मारा गया शूटर मोहित: 9वीं के बाद रखी थी जुर्म की दुनिया में कदम, 6 महीने से था लापता

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सोनीपत (हरियाणा): उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में यूपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए दोनों शार्प शूटर हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले थे।

इनमें से कुख्यात गोगी गैंग का शूटर मोहित सोनीपत के गांव बेयापुर खुर्द का निवासी था। परिवार को उसके आपराधिक कृत्यों और शामली की वारदात के बारे में कोई भनक नहीं थी, क्योंकि वह पिछले 6 महीने से घर से लापता चल रहा था। सोमवार सुबह एनकाउंटर में बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मोहित की मां सदमे से बेसुध हो गई और परिजनों में कोहराम मच गया।

🔫 बागपत-लोनी के रास्ते भाग रहे थे बदमाश: पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुए ढेर

मुठभेड़ और कार्रवाई का विवरण:

  • घेराबंदी और फायरिंग: अंकित बालियान हत्याकांड को अंजाम देने के बाद शूटर सुमित और मोहित बागपत के रास्ते लोनी होते हुए फरार होने की फिराक में थे। इसी दौरान सुबह औद्योगिक क्षेत्र के समीप सोनीपत जाने वाले मार्ग पर पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया।

  • जवाबी एक्शन: पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने सीधे पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस की आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में दोनों शूटर गंभीर रूप से घायल हो गए।

  • अस्पताल में मौत: पुलिस जब दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंची, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों मृतक शूटर सोनीपत जिले के ही रहने वाले थे।

⛓️ 9वीं क्लास के बाद जुर्म की राह: झगड़े में गया था जेल, पैरोल से आकर छोड़ा था गांव

मोहित का आपराधिक इतिहास और पृष्ठभूमि:

  • कम उम्र में अपराध: परिजनों के अनुसार, मोहित ने मात्र 9वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद ही अपराध और गलत संगत की दुनिया में कदम रख दिया था।

  • जेल और पैरोल: वह पूर्व में अपने दोस्तों के साथ हुए खूनी झगड़े के मामले में जेल जा चुका था। जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने अपना पैतृक गांव बेयापुर खुर्द पूरी तरह छोड़ दिया था।

  • मां ने किया था बेदखल: उसके लगातार गलत गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण मां ने तंग आकर उसे 6 महीने पहले ही कानूनी रूप से बेदखल कर दिया था।

💔 ‘सुधरना चाहता था, पर दोस्तों ने बिगाड़ दिया’: 6 महीने से मामा के घर रह रहा था परिवार

परिजनों की व्यथा और आखिरी बातचीत:

  • मां का दर्द: बिलखती मां ने बताया कि मोहित कई बार बातचीत में अपराध की राह छोड़कर सुधरने की बात कहता था, लेकिन उसके आपराधिक प्रवृत्ति के दोस्त उसे सुधरने नहीं दे रहे थे और लगातार अपराध की ओर धकेलते रहे।

  • 6 महीने से संपर्क टूटा: मोहित की अपने परिवार से अंतिम बातचीत करीब 6 महीने पहले हुई थी, जिसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं था। यूपी पुलिस के एनकाउंटर की खबर भी परिजनों को सीधे मीडिया और ग्रामीणों के जरिए मिली।

  • मामा के यहां शरण: मोहित का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था और पहले किराए के मकान में रहता था। पिछले 6 महीने से उसकी मां, छोटा भाई और बहन अपने मामा के घर रहकर जीवन यापन कर रहे हैं।

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