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पुणे के बाद अब इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम: 12 सितंबर को महारानी अहिल्याबाई की नगरी से BJP-RSS पर साधेंगे निशाना

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इंदौर (मध्य प्रदेश): पुणे के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पहले नागपुर में प्रस्तावित था, लेकिन नागपुर के कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अब आगामी 12 सितंबर को इसे महारानी अहिल्याबाई होलकर की ऐतिहासिक नगरी इंदौर में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के माध्यम से राहुल गांधी का मुख्य फोकस महिला वर्ग को जोड़ने पर है, जबकि उनके सीधे निशाने पर मनुस्मृति की विचारधारा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) हैं।

👑 18वीं सदी में महिला सशक्तिकरण की मिसाल थीं महारानी अहिल्याबाई होलकर

अहिल्याबाई होलकर (1725–1795) के ऐतिहासिक व क्रांतिकारी सुधार:

  • संपत्ति का अधिकार व विधवा सुरक्षा: उन्होंने राज्य द्वारा विधवाओं की संपत्ति जब्त करने की कुप्रथा पर पूर्ण रोक लगाई और महिलाओं के संपत्ति अधिकारों की रक्षा की।

  • सामाजिक कुप्रथाओं पर प्रहार: सती प्रथा का कड़ा विरोध किया तथा विधवा पुनर्विवाह का पुरजोर समर्थन कर महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा दी।

  • आर्थिक आत्मनिर्भरता (हथकरघा उद्योग): महेश्वरी साड़ियों के निर्माण और हथकरघा उद्योग को स्थापित कर हजारों महिलाओं को रोजगार व आत्मनिर्भरता से जोड़ा।

  • शिक्षा व कौशल विकास: उस दौर में महिला शिक्षा को प्रोत्साहन दिया और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिलाया।

  • महिला सैन्य टुकड़ी का गठन: महिलाओं की सुरक्षा व भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष महिला सैन्य दस्ते का गठन किया।

🏛️ अहिल्याबाई की नगरी इंदौर से ‘संविधान बनाम मनुस्मृति’ की वैचारिक लड़ाई

इंदौर का महत्व और वैचारिक पृष्ठभूमि:

  • शिक्षा का प्रमुख केंद्र: महारानी अहिल्याबाई होलकर की नगरी इंदौर, जिसे ‘मिनी बॉम्बे’ भी कहा जाता है, आज देश में उच्च शिक्षा और युवाओं का बड़ा केंद्र है।

  • संविधान बनाम मनुस्मृति: राहुल गांधी कांग्रेस और भाजपा-संघ के बीच की राजनीति को ‘संविधान बनाम मनुस्मृति’ की वैचारिक लड़ाई करार दे चुके हैं। पुणे में उन्होंने मनुस्मृति को महिला विरोधी बताते हुए भाजपा और आरएसएस की सोच को उसी से प्रेरित बताया था।

  • कांग्रेस का पलटवार: भाजपा-संघ के हमलों का जवाब देते हुए कांग्रेस ने याद दिलाया कि संविधान निर्माण के समय संघ से जुड़े लोगों ने यह तर्क देकर संविधान की प्रतियां जलाई थीं कि भारत का संविधान यूरोपीय देशों के बजाय मनुस्मृति से प्रेरित होना चाहिए।

🔥 संघ-भाजपा के खिलाफ आक्रामक रणनीति: इंदौर से नए सियासी संदेश की तैयारी

युवा कांग्रेस का रुख और आगामी रणनीति:

  • मनुस्मृति की प्रतियों का दहन: राहुल गांधी के निर्देश पर युवा कांग्रेस (IYC) ने दिल्ली स्थित आरएसएस मुख्यालय के बाहर मनुस्मृति की प्रतियां जलाई थीं और देशव्यापी स्तर पर विरोध दर्ज कराया था।

  • इंदौर से संदेश: अब इंदौर की पावन धरती से महारानी अहिल्याबाई होलकर के महिला सशक्तिकरण के कार्यों को याद दिलाते हुए राहुल गांधी एक बार फिर भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को महिला अधिकारों के विरुद्ध साबित करने की बड़ी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

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