केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी: डाक से आया पत्र- ‘कट्टर आतंकी करेंगे हत्या’; गृह मंत्रालय को लिखा पत्र
नई दिल्ली: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को जान से मारने की गंभीर धमकी मिलने से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
उन्हें डाक (स्पीड पोस्ट/पत्र) के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र भेजा गया है, जिसमें उनकी हत्या की खुली चेतावनी दी गई है। पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है— “जल्द ही कट्टर आतंकवादी तुम्हारी हत्या कर देंगे।” इस गंभीर धमकी के सामने आने के बाद तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
✉️ पत्र में दो मोबाइल नंबरों का उल्लेख: धमकी के स्रोत की जांच शुरू
धमकी भरे पत्र और जांच की स्थिति:
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हत्या की खुली चेतावनी: अज्ञात प्रेषक द्वारा भेजे गए इस पत्र में दावा किया गया है कि कट्टरपंथी संगठन या आतंकी बहुत जल्द उन पर जानलेवा हमला करेंगे।
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संदेहास्पद विवरण: पत्र में दो मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां प्रेषक की पहचान और उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुट गई हैं।
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संगठन की पहचान पर सस्पेंस: फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह पत्र किस व्यक्ति अथवा आतंकी संगठन द्वारा भेजा गया है। खुफिया एजेंसियां पत्र की प्रामाणिकता और धमकी की गंभीरता की तकनीकी जांच कर रही हैं।
🏛️ मंत्रालय ने गृह सचिव को लिखा पत्र: उच्च स्तरीय व त्वरित जांच की मांग
प्रशासनिक कदम और औपचारिक शिकायत:
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गृह मंत्रालय से संपर्क: धमकी मिलने के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव को औपचारिक पत्र प्रेषित किया है।
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एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी का पत्र: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव (APS) आलोक कुमार सिंह ने 1 सितंबर को गृह सचिव को पत्र लिखकर इस पूरे घटनाक्रम की गहन व तत्काल जांच कराने का अनुरोध किया।
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पुख्ता सुरक्षा की मांग: मंत्रालय ने आग्रह किया है कि धमकी भरे पत्र के स्रोत, सत्यता और इसके पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जाए।
🛡️ वर्तमान में प्राप्त है Z-श्रेणी की सुरक्षा: सुरक्षा घेरा और मजबूत करने की तैयारी
सुरक्षा व्यवस्था और समीक्षा:
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Z-Category Security: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा चिराग पासवान को पहले से ही ‘Z’ (जेड) श्रेणी का सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया है।
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समीक्षा बैठक: गृह सचिव को भेजे पत्र में रेखांकित किया गया है कि जेड-श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को मिली इस प्रकार की धमकी को सामान्य मानकर कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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सुरक्षा में इजाफा संभव: खुफिया एजेंसियों के इनपुट और खतरे के आकलन (थ्रेट परसेप्शन) के आधार पर आने वाले दिनों में चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा तथा अभेद्य बनाया जा सकता है।
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