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रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति पुरस्कार

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रायपुर (छत्तीसगढ़): शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में उत्कृष्ट और समर्पित शिक्षकों के सम्मान में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया।

समारोह के दौरान प्रदेशभर के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें से 4 विशिष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया। इस गरिमामयी अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आगामी वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की भी आधिकारिक घोषणा की।

विशिष्ट स्मृति पुरस्कार प्राप्त करने वाले 4 शिक्षक:

  • डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार: राजेश कुमार प्रजापति (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई)

  • डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार: कामता प्रसाद जायसवाल (कोरबा)

  • डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार: प्रज्ञा सिंह (दुर्ग)

  • गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार: प्रियंका गोस्वामी (सारंगढ़-बिलाईगढ़)

🤖 ‘AI हमारा सहायक बने, नियंत्रक नहीं’: राज्यपाल रमेन डेका का शिक्षकों को प्रेरक संदेश

तकनीक और मानवीय मूल्यों पर राज्यपाल का दृष्टिकोण:

  • नई तकनीकों से परिचय: राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में शिक्षक और छात्र दोनों का आधुनिक तकनीकों से रूबरू होना जरूरी है।

  • जिम्मेदार उपयोग की जरूरत: उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक का उपयोग मानवीय मूल्यों, विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।

  • नवाचार की प्रेरणा: शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को तकनीक का सहारा ज्ञान अर्जन, रचनात्मक नवाचार और व्यक्तित्व निर्माण के लिए लेने हेतु प्रेरित करें।

💡 तकनीक के साथ बौद्धिक विकास आवश्यक: संस्कार और सही दिशा केवल गुरु से संभव

स्क्रीन टाइम और शिक्षक के महत्व पर मंथन:

  • स्वतंत्र चिंतन पर असर न पड़े: राज्यपाल ने आगाह किया कि डिजिटल सूचनाओं के अथाह भंडार पर अत्यधिक निर्भरता बच्चों की स्वतंत्र चिंतन क्षमता और मौलिक बौद्धिक विकास को कुंद न करे।

  • सोशल मीडिया पर वैश्विक चिंता: उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में बच्चों द्वारा स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर गंभीर विमर्श चल रहा है।

  • गुरु का अद्वितीय स्थान: तकनीक केवल डाटा और जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन जीवन मूल्य, संस्कार, संवेदना, अनुशासन और सही दिशा केवल एक शिक्षक ही दे सकता है।

🌟 ‘शिक्षक हैं राष्ट्र और नई पीढ़ी के सच्चे निर्माता’: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं

सीएम का संबोधन और शिक्षा की प्राचीन परंपरा:

  • शिक्षकों की तपस्या को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार उनके समर्पण, कठिन परिश्रम और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य निर्माण के प्रति निष्ठा का सम्मान है।

  • डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि: सीएम ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

  • संस्कारयुक्त शिक्षा का उद्देश्य: उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय परंपरा में शिक्षा केवल उपाधि या नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को संस्कारवान, चरित्रवान और राष्ट्रहित में योगदान देने वाला नागरिक बनाने का साधन रही है।

🗣️ बस्तर में स्थानीय बोली में प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत: सहज बन रही सीखने की प्रक्रिया

शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी सुधार:

  • मातृभाषा में शिक्षा: बस्तर अंचल के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों को उनकी स्थानीय बोलियों के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की अनूठी पहल शुरू की गई है, जिससे बच्चों का ठहराव और सीखने का स्तर बढ़ा है।

  • अभिभावकों की भागीदारी: शासकीय विद्यालयों में नियमित पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि अभिभावक सीधे तौर पर बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ सकें।

🏫 341 पीएम श्री और 150 स्वामी विवेकानंद स्कूल: अधोसंरचना में ऐतिहासिक सुधार

राज्य सरकार के बुनियादी ढांचागत प्रयास:

  • पीएम श्री स्कूल योजना: प्रदेश के 341 सरकारी स्कूलों को ‘पीएम श्री’ योजना के अंतर्गत चुना गया है, जहां स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार किया जा रहा है।

  • स्वामी विवेकानंद विद्यालय: प्रदेश में स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 नए आधुनिक विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं।

  • पदोन्नति का समाधान: शिक्षकों की वर्षों से लंबित पदोन्नतियों (प्रमोशन) की मांग को भी सरकार ने प्राथमिकता के साथ पूरा कर उन्हें राहत दी है।

💻 प्रदेश में आधुनिक शिक्षा और AI स्मार्ट स्कूल का विस्तार: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

भविष्योन्मुखी शिक्षा नीति:

  • AI आधारित स्मार्ट स्कूल: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा में अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश को तेजी से आगे बढ़ा रही है, जिसके तहत AI आधारित स्मार्ट स्कूल मॉडल तैयार हो रहे हैं।

  • रचनात्मकता का विकास: विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए विद्यालयों में बहुआयामी गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

  • अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प: उन्होंने कहा कि शैक्षिक नवाचार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

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