गोरखपुर यूनिवर्सिटी में दरोगा का वीडियो वायरल: छात्रों को दी चेतावनी, कहा- ‘इतनी फोर्स बुलाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा’
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश): दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर से जुड़ा एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी दरोगा अविरल मिश्रा धरने पर बैठे छात्रों पर बुरी तरह भड़कते और उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में दरोगा छात्रों से कड़े लहजे में कहते दिख रहे हैं कि यह किस तरह का शांतिपूर्ण आंदोलन है, जिसमें शिक्षक और अधिकारियों का कॉलर पकड़ने तक की नौबत आ जाती है। उन्होंने आक्रोशित होते हुए यहां तक कह दिया कि वह इतनी पुलिस फोर्स बुला लेंगे कि सबको ठंडा कर देंगे। इस बयान और बातचीत का वीडियो इंटरनेट पर आते ही चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।
🪧 प्रशासनिक भवन के सामने धरने के दौरान विवाद: असिस्टेंट प्रॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की
घटना की पृष्ठभूमि और हंगामे का कारण:
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निष्कासित छात्रों का धरना: यह पूरा विवाद 8 सितंबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने शुरू हुआ, जहां विश्वविद्यालय से निष्कासित कुछ छात्र अपनी बहाली और मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने व भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे।
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बातचीत के दौरान बिगड़े हालात: गतिरोध खत्म कराने के लिए विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारी छात्रों से वार्ता करने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी मुद्दे पर असहमति बढ़ने से माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
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असिस्टेंट प्रॉक्टर जमीन पर गिरे: आरोप है कि बातचीत के बीच कुछ छात्र उग्र हो गए और उन्होंने असिस्टेंट प्रॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की कर दी। धक्का लगने के कारण असिस्टेंट प्रॉक्टर अपना संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर पड़े, जिन्हें वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाला।
👮 हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस: शांतिपूर्ण प्रदर्शन की नसीहत देते हुए दरोगा का पारा चढ़ा
पुलिस का हस्तक्षेप और वायरल वीडियो का सच:
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परिसर में पुलिस बल की तैनाती: हंगामे और धक्का-मुक्की की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुई और उग्र छात्रों को नियंत्रित करने में जुट गई।
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नियमों के दायरे में प्रदर्शन की हिदायत: स्थिति को संभालने के दौरान चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा ने छात्रों को दो टूक कहा कि यदि धरने के नाम पर शिक्षकों का कॉलर पकड़ा जाएगा या मारपीट की कोशिश होगी, तो इसे किसी भी दृष्टि से लोकतांत्रिक या शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं माना जाएगा।
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मोबाइल में रिकॉर्ड हुआ वीडियो: इसी तीखी बहस के दौरान किसी छात्र या राहगीर ने दरोगा के तल्ख तेवर का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
📢 वायरल वीडियो पर पुलिस प्रशासन की सफाई: साक्ष्यों के आधार पर होगी कानूनी कार्रवाई
विभागीय पक्ष और विधिक प्रक्रिया:
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पुलिस ने जारी किया स्पष्टीकरण: वीडियो वायरल होने और प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की।
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अधिकारियों पर हमले का आरोप: पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 8 सितंबर को वार्ता के समय कुछ उपद्रवी छात्रों ने असिस्टेंट प्रॉक्टर के साथ अभद्रता और हाथापाई का प्रयास किया था, जिस पर पुलिस ने त्वरित हस्तक्षेप कर अधिकारी को बचाया और कानून-व्यवस्था बहाल की।
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सीसीटीवी और फुटेज की जांच: पुलिस प्रशासन ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले और माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवी तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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