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Yamuna Cleaning Mission 2029: जब तक यमुना साफ नहीं होगी, गंगा को स्वच्छ करना अधूरा है- गृह मंत्री अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में बहुप्रतीक्षित ‘किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यमुना नदी की सफाई को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया. गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम वर्ष 2029 तक साफ यमुना का लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लेंगे, और चूंकि यमुना प्रयागराज में जाकर गंगा नदी से मिलती है, इसलिए यमुना के स्वच्छ होने से स्वतः ही गंगा भी साफ हो जाएगी.

🏛️ 2. किशाऊ समझौते को बताया ऐतिहासिक कदम, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा लाभ

गृह मंत्री अमित शाह ने किशाऊ समझौते को देश के लिए एक ऐतिहासिक कदम करार दिया. उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरा होने से इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा. इस समझौते से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली—कुल छह राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा. इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर अपनी पूरी सहमति जताई है और मिलकर काम करने का संकल्प लिया है.

💰 3. नेशनल प्रोजेक्ट घोषित हुई किशाऊ परियोजना, केंद्र सरकार उठाएगी 90 फीसदी खर्च

अमित शाह ने सभी छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए बधाई दी. उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण योजना को ‘नेशनल प्रोजेक्ट’ घोषित किया गया है, जिसके तहत केंद्र सरकार इस परियोजना का 90 प्रतिशत खर्च खुद उठाएगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत खर्च संबंधित राज्यों द्वारा किया जाएगा ताकि काम तेजी से आगे बढ़ सके.

🤝 4. बैठक में छह राज्यों के मुख्यमंत्री रहे मौजूद, रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यमुना सफाई अभियान को मिल रही गति

इस उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की. अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री और सभी संबंधित पक्ष यमुना की सफाई में पूरा सहयोग कर रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों को पीने, कृषि और उद्योगों के लिए शुद्ध पानी मिल सकेगा.

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