क्षय रोग जिसे आम भाषा में टीबी के नाम से भी जाना जाता है, बहुत ही गंभीर बीमारियों में से एक है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया से फैलती है जो सीधे व्यक्ति के फेफड़ों पर हमला करता है। वैसे टीबी शरीर के दूसरे अंगों में भी हो सकता है। इसके बैक्टीरिया हवा के जरिए फैलते हैं।सब्जियां : टीबी के मरीजों को अपनी डाइट में सब्जियों को तो खासतौर से शामिल करना चाहिए। गाजर, टमाटर, शकरकंद, ब्रोकली ये सारे ऐसे ऑप्शन है जो टीबी से जल्दी रिकवरी में मदद करते हैं। इन सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स की भी अच्छी-खासी मात्रा शामिल होती है जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने का काम करते हैं जिनकी वजह से कई तरह की बीमारियां पनपती हैं।खिचड़ी : दाल, चावल और कई तरह के सब्जियों को मिलाकर बनाई जाने वाली खिचड़ी में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन बहुत अच्छी मात्रा में मौजूद होता है जो हमारे बॉडी के कई सारे फंक्शन्स के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा ये आसानी से पच भी जाता है।पनीर : पनीर का सेवन भी टीबी की मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। पनीर भी प्रोटीन का बहुत ही अच्छा स्त्रोत होता है जिससे बॉडी स्ट्रॉन्ग बनती है तो कई सारी बीमारियों पास भी नहीं फटकती। टीबी के मरीजों के लिए पनीर भी एक हेल्दी ऑप्शन है।सोयाबीन : सोयाबीन बहुत ही फायदेमंद फूड आइटम है। इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में शामिल होता है। इसके अलावा सोयाबीन के सेवन से इम्युनिटी भी मजबूत होती है। जिससे शरीर ट्यूबरक्लोसिस के बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम हो पाता है।साबुत अनाज : साबुत अनाज खाने के तो एक या दो नहीं बल्कि कई तरह के फायदे होते हैं। डायबिटीज़, मोटापे के साथ ही ये टीबी के इलाज में भी फायदेमंद हैं। साबुत अनाज में फाइबर, विटामिन बी और भी कई तरह के न्यूट्रिशन मौजूद होते हैं जो बॉडी को फिट और एनर्जेटिक रखते हैं।दालें और बीन्स : तरह-तरह की दाल और बीन्स भी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारगर समाधान हैं। इनके सेवन से पेट से जुड़ी समस्याएं दूर रहती हैं और बॉडी के अंदर मौजूद गंदगी आसानी से बाहर निकाल जाती है।
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