Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
MIDI Health Analysis: Honest Understanding of Profiles and Experts in 2026 ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म...

Vigilance Bureau Action: विजिलेंस ब्यूरो ने सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी

चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान, डायरेक्टर, लैंड रिकॉर्ड विभाग, पंजाब के कार्यालय में तैनात ठेका आधारित कर्मचारी परवेश को शिकायतकर्ता से उसकी जमीन के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के बदले 4000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपरोक्त आरोपी को गांव छोकरा, तहसील दसूहा, जिला एसबीएस नगर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि उसकी पत्नी ने दसूहा की अदालत में सिविल मुकदमा दायर किया था, जिसमें उसने 12 एकड़ पैतृक जमीन में अपने कानूनी हिस्से की मांग की थी। इस संबंध में, जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए जमाबंदी, जमीन की अलॉटमेंट और जमां रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां आवश्यक थीं।

उन्होंने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने अपनी जमीन के रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड, पंजाब के जालंधर कार्यालय में आवेदन दिया था। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद आवश्यक रिकॉर्ड नहीं दिए गए। इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी परवेश शिकायतकर्ता से मिला और दावा किया कि वह आवश्यक रिकॉर्ड के साथ-साथ उनका उर्दू से पंजाबी में अनुवाद भी करवा देगा। उसने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए 10,000 रुपये और अनुवाद के काम के लिए 12,000 रुपये सहित कुल 22,000 रुपये की मांग की।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने आरोपी परवेश को पहले विभिन्न तरीकों से गूगल पे और नकद के माध्यम से 18,000 रुपये की राशि दे दी थी। उसने आगे कहा कि इसके बाद भी परवेश ने 4,000 रुपये और लेने की मांग की। प्रवक्ता ने आगे बताया कि उसकी शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसमें आरोपी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 4000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.