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CJI के घर PM मोदी की पूजा पर विवाद, बीजेपी ने विपक्ष को दिलाई इफ्तार पार्टी की याद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को CJI डीवाई चंद्रचूड़ के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने CJI के घर विराजे भगवान गणेश की पूजा की. पीएम मोदी ने एक्स पर एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह CJI के साथ पूजा करते नजर आ रहे हैं. पीएम मोदी का CJI के घर पहुंचना विरोधियों को रास नहीं आ रहा है. विपक्ष ने इसे महाराष्ट्र चुनाव से जोड़ दिया है. विपक्षी दलों के हमले का जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा कि कल की एक पूजा ने कई लोगों की नींद और चाय नाश्ते को बिगाड़ दिया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, जब इफ्तार पार्टी में पीएम और चीफ जस्टिस मिलते थे तो इस त्योहार में मिलने में आपत्ति क्यों.

संबित पात्रा ने कहा, ‘ किसी ने उनसे (राहुल गांधी) पूछा कि अगर यह इंडिया एलायंस है तो ‘ए’ का मतलब क्या है. कुछ देर सोचने के बाद राहुल गांधी को याद आया कि इसका मतलब ‘गठबंधन’ है… राहुल गांधी ने जवाब देने से पहले कुछ देर सोचा क्योंकि वह असमंजस में थे कि ‘ए’ का मतलब तुष्टिकरण, अपराध (अपराध) या अहंकार है. ‘ए’ के ​​लिए ‘अपराध’, बंगाल में टीएमसी का अपराध (अपराध), ‘ए’ के ​​लिए तुष्टीकरण, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का तुष्टिकरण और ‘ए’ के ​​लिए कांग्रेस और उसके गठबंधन दलों का अहंकार है जो सीजेआई की संस्था को राजनीति में घसीटते हैं. इन्हें गणेश उत्सव को राजनीति में घसीटने का अहंकार है.’

उन्होंने आगे कहा कि कल एक राजनेता (राहुल गांधी) ने विदेश जाकर भारत विरोधी तत्वों से मुलाकात की. कांग्रेस का कोई नेता उस पर नहीं बोला. अगर पीएम सीजेआई से मिलने गए तो न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच अच्छे समन्वय की सराहना करने के बजाय इस पर आपत्ति जताई जा रही है.

विपक्ष ने क्या कहा था?

इससे पहले शिवसेना सांसद (UBT) प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा था, उम्मीद है कि उत्सव समाप्त होने के बाद सीजेआई उचित समझेंगे और महाराष्ट्र में संविधान के अनुच्छेद 10 की घोर अवहेलना पर सुनवाई समाप्त करने के लिए थोड़ा स्वतंत्र होंगे. अरे रुकिए, वैसे भी चुनाव नजदीक हैं, इसे किसी और दिन के लिए स्थगित किया जा सकता है.

वहीं, संजय राउत ने कहा, गणपति उत्सव चल रहा है, लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं. मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि पीएम अब तक कितने घरों में गए हैं. लेकिन पीएम सीजेआई के घर गए और उन्होंने आरती की…अगर संविधान का संरक्षक राजनेताओं से मिलता है, तो इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो सकता है.

उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र के हमारे मामले की सुनवाई पहले भी चल रही है. सीजेआई चंद्रचूड़ इसलिए हमें संदेह है कि क्या हमें न्याय मिलेगा, क्योंकि पीएम इस मामले में दूसरी पार्टी हैं. हमारे मामले में दूसरी पार्टी केंद्र सरकार है. मुख्य न्यायाधीश को इस मामले से खुद को दूर कर लेना चाहिए क्योंकि उनका संबंध दूसरे पक्ष से है. मामला खुलेआम दिख रहा है. क्या ऐसे में सीजेआई चंद्रचूड़ हमें न्याय दे पाएंगे? हमें तारीख पर तारीख मिल रही है और अवैध सरकार चल रही है… ऐसे में हम टूट गए. जो सीजेआई हमें न्याय देने वाले हैं, उनके साथ पीएम का ऐसा रिश्ता है, इसलिए महाराष्ट्र के मन में एक संदेह पैदा हुआ.

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