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जैसे ही पुलिस ने गेट खोला… चश्मदीद ने बताया तिरुपति मंदिर में भगदड़ का खौफनाक मंजर

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आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में बुधवार को रात में मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई वहीं, 40 से ज़्यादा लोग घायल हो गए. इस हादसे के समय मौजूद और शिकार हुए लोगों ने हादसे की अपनी भयावह और दर्दनाक कहानी सुनाई. हादसे के समय मौजूद रहे शख्स ने बताया कि ज्यादा भीड़ की वजह से मौके पर अफरा-तफरी होने लगी और कुछ समय में भगदड़ मच गई.

मौके पर जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने गेट खोला, तीर्थयात्री टोकन खरीदने के लिए एक दूसरे पर ही दौड़ पड़े. टोकन लेने को लेकर इस तरह की कोई व्यवस्था पहले नहीं थीं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित परिवार के शख्स ने बताया कि 20 सदस्यों में से 6 लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं.

हम 11 बजे लाइन में शामिल हुए. लाइन में इंतजार करते समय हमें दूध और बिस्कुट दिए गए. कुछ ही समय में वहां मौजूद पुरुष तीर्थयात्री टोकन के लिए दौड़ पड़े. टोकन की दौड़ में उन्होंने ये भी नहीं देखा कि लाइन में महिलाएं भी शामिल हैं. लाइन तोड़कर टोकन को लेने की होड़ के कारण महिलाएं घायल हो गई. सभी घायल महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू गुरुवार को तिरुपति भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों से मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति शोक और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है.

टोकन ले रही महिला की भगदड़ में मौत

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुपति बालाजी मंदिर में हुई भगदड़ में मल्लिका नाम की महिला की मौत हो गई. मृतक मल्लिका के पति ने बताया कि उनकी पत्नी टोकन लेने के दौरान अचानक से भीड़ में फंस गई. उन्होंने बताया कि वो वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेने की कोशिश कर रही थी. तभी अनियंत्रित लोगों की भीड़ उसके ऊपर चढ़कर चली गई और उसकी मौत हो गई.

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