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बस्ती: एक पंखा और एक बल्ब का बिल आया 7 करोड़, किसान हुआ परेशान… नप गए भेजने वाले बिजली विभाग के अधिकारी

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उत्तर प्रदेश से बिजली विभाग की एक करतूत ने सभी को हैरान कर दिया. विभाग ने एक गरीब किसान को अचानक सात करोड़ रुपये का बिजली बिल भेज दिया, जिससे उसे बड़ा झटका लगा. इतने पैसे का बिल देखकर किसान परेशान हो गया और लगातार विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हो गया.

मामला बस्ती जिले के हरैया विद्युत उपकेंद्र के केशवपुर फीडर के रमया गांव का है, जहां मोलहु नाम के किसान को इतनी बड़ी राशि का बिजली बिल भेजा गया कि वह अपनी पूरी संपत्ति बेचकर भी उसे चुकता नहीं कर सकता. किसान ने बताया कि उनके घर में केवल एक पंखा और एक बल्ब जलता है, फिर भी इतना भारी बिल आना उसके समझ से परे था.

ऊर्जा मंत्री तक पहुंची बात, कर्मचारी निलंबित

परेशान किसान ने विभाग के कई चक्कर लगाए, लेकिन उसकी कोई मदद नहीं हो पाई. फिर उसने अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर बताई, जो जल्दी ही चर्चा का विषय बन गई. मामला बढ़ने पर राज्य के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा तक पहुंचा. मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए और एक कर्मचारी, दीपक तिवारी, को निलंबित कर दिया.

75 हजार से सीधा 7 करोड़ का बिल

किसान मोलहु ने 2014 में एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन लिया था. उनका कहना था कि दिसंबर 2024 में उनका बकाया बिल 75 हजार रुपये था, लेकिन एक महीने बाद उनके पास 7.33 करोड़ रुपये का बिल आ गया. इस भारी बिल को देखकर मोलहु चकरा गए और उन्हें दिल का दौरा पड़ने की स्थिति हो गई.

उन्होंने कहा, ‘यह बिल देखकर मुझे हार्ट अटैक आने वाला था. मेरी एक बेटी है, उसकी शादी कैसे होगी? इतना बड़ा बिल हमारे जैसे गरीब परिवार के लिए असंभव है.’ मोलहु के बेटे ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

जल्द ही किया जाएगा सुधार

शिकायत के बाद सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर प्रशांत सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और जल्द ही बिजली का बिल सही कर दिया जाएगा. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह विभाग की बड़ी लापरवाही थी, जिसे अब तुरंत ठीक किया जाएगा.

दोषी कर्मचारी के निलंबन के बाद मोलहु और उनके परिवार को राहत मिली है, लेकिन यह घटना विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाती है कि कैसे एक गलत रीडिंग से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है.

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