भोपाल। मध्य प्रदेश में उद्यमिता और स्वरोजगार बढ़ाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत केंद्र व मध्य प्रदेश सरकार की ऋण योजनाओं में 10 लाख रुपये तक के कर्ज पर स्टांप व एग्रीमेंट शुल्क में छूट देने की तैयारी है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देश पर पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग इसकी रूपरेखा तैयार कर रहा है। स्टांप शुल्क बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार के खजाने में पहुंचता है।
उदाहरण के तौर पर संपत्ति को बंधक बनाने पर 0.25 प्रतिशत शुल्क ऋण लेने वाले को देना होता है। इस तरह कुल चार प्रकार के शुल्क ऋण लेने वाले पर लगते हैं। सभी को मिला लें तो यह एक प्रतिशत के लगभग होता है।
यानी शुल्क में छूट मिलती है तो 10 लाख रुपये के ऋण पर 10 हजार रुपये तक की बचत हो सकती है। विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि मुद्रा सहित अन्य शासकीय ऋण योजनाओं के अंतर्गत कर्ज लेने वाले अधिकतर बेरोजगार व छोटे उद्यमी होते हैं, इसलिए इसमें छूट मिलनी चाहिए।
विचार करने को कहा
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की पिछली बैठक में यह विषय समिति के अधिकारियों ने उठाया था। इसके बाद मुख्य सचिव ने इस पर विचार करने के लिए कहा था। उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों में इस तरह के शुल्क से छूट है।
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