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Chitrakoot Crime News: चित्रकूट में NEET छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म, खुद को वन कर्मी बताकर बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

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मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित पवित्र धर्मनगरी चित्रकूट के देवांगना घाटी इलाके में एक बेहद दिल दहला देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है. राजस्थान के कोटा शहर में रहकर नीट (NEET) की कोचिंग कर रही मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा के साथ तीन अज्ञात युवकों ने खुद को वन विभाग (फॉरेस्ट डिपार्टमेंट) का कर्मचारी बताकर सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है. हैवानियत की हदें पार करते हुए आरोपियों ने विरोध करने पर छात्रा के साथ मौजूद 17 वर्षीय दोस्त को बेल्ट से बेरहमी से पीटा और फिर गमछे से उसके हाथ-पैर बांधकर सुनसान झाड़ियों में फेंक दिया.

📱 सोशल मीडिया के जरिए हुई थी दोस्ती, देवांगना घाटी में रील बनाते वक्त हुई घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता इन दिनों अपनी छुट्टियां बिताने के लिए अपने घर सतना आई हुई थी. वह अपने 17 वर्षीय परिचित (जिसके साथ उसकी दो साल पहले सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती हुई थी) के बुलावे पर घूमने के लिए चित्रकूट पहुंची थी. बीती बुधवार दोपहर को यह दोनों देवांगना घाटी की पहाड़ी पर घूम रहे थे और अपने मोबाइल फोन से रील्स बना रहे थे. तभी वहां एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन संदिग्ध युवक आ धमके और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर उन्हें डराने-धमकाने लगे.

🌳 दोस्त को बंधक बनाकर झाड़ियों में फेंका, फिर सुनसान जगह ले जाकर की दरिंदगी

जब नाबालिग छात्र ने उन युवकों की हरकतों का विरोध किया, तो बदमाशों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और बेल्ट से उसकी बेरहमी से पिटाई की. इसके बाद उन्होंने गमछे से उसके हाथ-पैर कसकर बांध दिए और उसे घसीटकर पास की सुनसान झाड़ियों में फेंक दिया. इसके बाद तीनों आरोपी डरी-सहमी छात्रा को जबरन खींचकर एक अन्य सुनसान जगह पर ले गए और उसके साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया. इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.

📞 डायल-112 पर कॉल कर दी पुलिस को सूचना, सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध

घटना के कुछ देर बाद किसी तरह खुद को बंधनमुक्त करके नाबालिग छात्र ने पुलिस को इसकी सूचना दी. काफी मशक्कत के बाद उसने अपने हाथ के बंधन खोले और जब मोबाइल का नेटवर्क मिला, तब उसने तुरंत ‘112’ नंबर पर कॉल करके पुलिस को इस अनहोनी की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल एग्जामिनेशन) कराया गया है. पुलिस ने जब आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें एक ही बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक जाते हुए साफ नजर आए हैं.

👮 पुलिस अधीक्षक का बयान: दो विशेष टीमों का गठन, एक संदिग्ध हिरासत में

इस हाई-प्रोफाइल और गंभीर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चित्रकूट पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (SP) अरुण कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. फरार चल रहे आरोपियों की जल्द से जल्द धरपकड़ के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है, साथ ही पुलिस का दावा है कि अन्य आरोपियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.

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