Local & National News in Hindi

यशोदा जयंती कल, जानें पूजा शुभ मुहूर्त से लेकर व्रत पारण तक सबकुछ

7

हिंदू धर्म में कई ऐसे व्रत हैं जो संतान प्राप्ति या उसकी उन्नति के लिए रखे जाते हैं. इन्हीं में शामिल है यशोदा जंयती का व्रत. यशोदा जयंती भगवान श्री कृष्ण की माता यशोदा के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है. सभी जानते हैं कि अत्याचारी कंस से बचाने लिए वासुदेव छोट से बाल गोपाल को गोकुल छोड़ आए थे, जहां उनका पालन पोषण माता यशोदा ने किया था.

यशोदा जंयती का व्रत महिलाओं के लिए बड़ा ही विशेष माना जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यशोदा जंयती का व्रत रखने से संतान की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं यशोदा जंयती का व्रत रखने से संतान की आयु लंबी होती है और उसका जीवन सुखी होता है. इस दिन व्रत के साथ ही माता यशोदा और भगवान श्री कृष्ण का पूजन भी किया जाता है.

कल है यशोदा जंयती

फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन यशोदा जयंती मनाई जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत कल यानी 18 फरवरी को सुबह 4 बजकर 53 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 19 फरवरी को सुबह 7 बजकर 32 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, यशोदा जयंती कल मनाई जाएगी. कल ही इसका व्रत रखा जाएगा.

यशोदा जंयती शुभ मुहूर्त

यशोदा जयंती यानी कल सूर्योदय सुबह 7 बजे होगा. वहीं सूर्यास्त शाम 6 बजकर 20 मिनट पर होगा. कल ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. अमृत काल दोपहर 1 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 2 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 1 बजकर 3 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा. ये दोपहर 3 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा. ये 6 बजकर 37 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.

पूजा विधि

  • यशोदा जयंती के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मां यशोदा का ध्यान करें.
  • इसके बाद पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. फिर साफ वस्त्र धारण करें.
  • फिर आचमन करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
  • फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. उस पर माता यशोदा और श्री कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर रखें.
  • पूजा के दौरान रोली, चंदन, फूल, दूर्वा, सिंदूर और अक्षत आदि चढ़ाएं.
  • माता यशोदा और श्री कृष्ण के समाने घी का दिया जलाएं
  • मां यशोदा को फल, हलावा और मिठाई का भोग लगाएं. बाल गोपाल को माखन, मिश्री का भोग लगाएं.
  • भगवान श्री कृष्ण के मंत्रों का जाप करें
  • अंत में मां यशोदा और बाल गोपाल की आरती करके पूजा का समापन करें.

न करें ये गलतियां

  • यशोदा जयंती के दिन व्रत में भूलकर भी अन्न नहीं खाएं.
  • इस दिन तामसिक भोजन और शराब का सेवन नहीं करें.
  • इस दिन किसी को भी अपशब्द नहीं कहें.
  • इस दिन झूठ नहीं बोलें.

व्रत और उसका पारण

इस दिन व्रत में पूजन के बाद ताजे फल, दूध, दही, नारियल पानी, कट्टू के आटे से बने फलहारी भोजन, मखाने, खीरा, आलू, साबूदाना की खिचड़ी या खीर और सवां के चावल की खीर या खिचड़ी खा सकते हैं. व्रत के पारण की बात करें तो 19 फरवरी को सुबह स्नान के बाद पूजा-पाठ करके व्रत का पारण किया जा सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.