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एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा को न्योता, ऋषि सुनक-माइक पोंपियो संग पब्लिक पॉलिसी पर करेंगे बात

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को एशिया की प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (ALC-2025) में शामिल होने का न्यौता मिला है. “पूर्व का दावोस” नाम से मशहूर यह कॉन्फ्रेंस साउथ कोरिया के सियोल में 21-22 मई को आयोजित की जाएगी. इस कॉन्फ्रेंस में सांसद राघव चड्ढा को मुख्य वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया है. जहां वे गवर्नेंस में इनोवेशन के साथ-साथ भारत की ताकत और विजन को दुनिया के सामने रखेंगे.

इस विश्व-प्रसिद्ध एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में दुनिया के तमाम बड़े लीडर शिरकत करते हैं, जो एशिया की सबसे बड़ी चुनौतियों और उनके समाधानों पर बात करते हैं. चोसुन मीडिया और सेंटर फॉर एशिया लीडरशिप के सहयोग से आयोजित एशिया का सबसे बड़े मंच प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राजनीति, बिजनेस, शिक्षा और समाज से जुड़े 320 से ज्यादा ग्लोबल लीडर्स और 2,500 से ज्यादा लोग एकत्र होंगे.

ऋषि सुनक, माइक पोंपियो भी होंगे शामिल

इस बार सांसद राघव चड्डा ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, एशिया फाउंडेशन की प्रेसिडेंट लॉरेल ई. मिलर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, मिलकेन इंस्टीट्यूट की वाइस प्रेसिडेंट लॉरा लेसी, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो, रैंड के इकनॉमिक स्ट्रैटेजी यूनिट के डायरेक्टर डैनियल एगेल, हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के फाउंडर डीन विलियम्स, और कनाडा इंटरनेशनल साइंटिफिक एक्सचेंज प्रोग्राम की डायरेक्टर शॉना नोवाक जैसे बड़े नेताओं के साथ मंच साझा करेंगे.

खास बात यह है कि इस बार एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (ALC 2025) का थीम सबजेक्ट “राष्ट्रों का उदय: बड़ी तरक्की की राह” रखा गया है. जो दक्षिण कोरिया की आजादी की 80वीं सालगिरह और कोरियाई युद्ध की 75वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित की जा रही है. इस बार इस इवेंट में हेल्थ, क्लाइमेट और ज्योपॉलिटिक्ल कॉन्फ्लिक्ट जैसे मुद्दों पर बात होगी, ताकि इनसे निपटने के तरीके खोजे जा सकें.

दो खास विषय पर अपने विचार करेंगे साझा

एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2025 में सांसद राघव चड्ढा इन प्रमुख विषयों पर अपने विचार विश्व पटल पर रखने जा रहे हैं. इसमें न्यू पॉलिटिकल लीडरशिप: एशिया में गवर्नेंस को बदलते युवा लीडर विषय पर वह बताएंगे कि कैसे 33 साल की उम्र में राघव चड्ढा राज्यसभा के सबसे युवा सांसद बने. कम उम्र में अपने राजनीतिक सफर, और सफलताओं के अलावा गवर्नेंस पॉलिसी में अपनी समझ को लेकर वह अपने विचार दुनिया के साथ साझा करेंगे. वह बताएंगे कि कैसे युवा देश की राजनीति का हिस्सा बन सकते हैं और गवर्नमेंट सिस्टम को कैसे आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.

इसके अलावा सांसद राघव चड्ढा “हेल्थ, क्लाइमेट और कॉन्फ्लिक्ट के दौर में कैसे देशों को क्राइसिस से बचाया जाए” विषय पर भी अपने विचार साझा करेंगे. जिसमें वह बताएंगे कि कैसे दिल्ली में आप सरकार में रहते हुए मोहल्ला क्लीनिक जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए हेल्थ सर्विसेज को बेहतर किया, जिसका कोविड-19 के दौरान बड़ा फायदा हुआ. साथ ही साफ पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों ने दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया, जिससे सभी के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा मजबूत हुई.

ALC 2025 में शामिल होना गर्व की बात

एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2025 में शामिल होने को लेकर सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भारत और उसके युवाओं के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होना गर्व की बात है. एशिया आज बदलाव के मुहाने पर खड़ा है और इस ऐतिहासिक मंच से भारत की सोच और अनुभव साझा करना मेरे लिए एक सम्मान की बात है.

उन्होंने आगे कहा, ऋषि सुनक, माइक पोंपियो और लॉरा लेसी जैसे बड़े लीडर्स के साथ मंच साझा करना मेरे लिए बड़े सम्मान और जिम्मेदारी की बात है. यह भारत की कहानी, इनोवेशन, यंग लीडरशिप, डेमोक्रेसी और ग्लोबल कोऑपरेशन को एशिया के प्रतिष्ठित मंच पर दिखाने का शानदार मौका है.

ग्लोबल इकनॉमिक फोरम में भी लिया हिस्सा

सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में ग्लोबल इकनॉमिक फोरम (WEF) ने यंग ग्लोबल लीडर (YGL) चुना है. यह सम्मान विश्व के उन 40 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को दिया जाता है जो बेहतर भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. सांसद राघव चड्ढा अपनी पॉलिसी नॉलेज, यंग लीडरशिप और गवर्नेंस में इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं. दिल्ली सरकार में रहते हुए उन्होंने हेल्थ, पानी और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े रिफॉर्म्स भी किए हैं.

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