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मंगलुरु में बजरंग दल के पूर्व सदस्य सुहास शेट्टी की हत्या की NIA करेगी जांच, MHA ने जारी किया आदेश

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मंगलुरु में बजरंग दल के पूर्व सदस्य और मोहम्मद फाजिल हत्याकांड के आरोपी सुहास शेट्टी की हत्या के मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी. इस बाबत रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया है. लगभग एक महीने पहले हुई इस हत्या ने दक्षिण कन्नड़ जिले में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था. मामले में अब तक मुख्य आरोपी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

42 वर्षीय सुहास शेट्टी की बेरहमी से हत्या 2025 की शुरुआत में मंगलुरु में की गई थी. इस घटना के बाद पूरे दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी.

विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों ने 3 मई को जिलेभर में बंद बुलाया था. बंद के दौरान केएसआरटीसी और निजी बसों पर पथराव की घटनाएं हुईं और प्रशासन को सार्वजनिक परिवहन सेवा स्थगित करनी पड़ी थी.

हत्या में PFI के शामिल होने की आशंका

सुहास शेट्टी की हत्या को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. दक्षिण कन्नड़ से भाजपा सांसद और पार्टी के राज्य सचिव बृजेश चौटा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले की जांच एनआईए को सौंपने की मांग की थी.

उन्होंने अपने पत्र में आशंका जताई थी कि हत्या में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कार्यकर्ताओं की संलिप्तता हो सकती है.

चौटा ने लिखा था कि यह घटना किसी अकेली आपराधिक वारदात की तरह नहीं देखी जा सकती। यह तटीय कर्नाटक में फैलती इस्लामी कट्टरता और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का हिस्सा है. इससे पहले भी इसी क्षेत्र में भाजपा युवा नेता प्रवीण नेट्टारू की पीएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या की गई थी.”

भाजपा ने NIA जांच की मांग की थी

उन्होंने कहा कि जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में वह क्षेत्र में व्याप्त दर्द और आक्रोश को समझते हैं, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराना जरूरी है.

सुहास शेट्टी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उसके खिलाफ दक्षिण कन्नड़ जिले में एक और मंगलुरु शहर में चार आपराधिक मामले दर्ज थे. वह पहले बजरंग दल से जुड़ा रहा था और उसका नाम 23 वर्षीय मुस्लिम युवक मोहम्मद फाजिल की हाई-प्रोफाइल हत्या में आया था. यह हत्या जुलाई 2022 में हुई थी, जो भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के दो दिन बाद सामने आई थी. फाजिल की हत्या को सांप्रदायिक बदले की भावना से प्रेरित बताया गया था और शेट्टी को इस मामले में संदिग्ध के तौर पर देखा गया था.

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