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कोरोना के बाद केरल पर एक और संकट, बढ़ रहे हेपेटाइटिस के मामले

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केरल में एक बार फिर स्वास्थ्य संकट गहराता दिख रहा है. जहां एक ओर राज्य कोरोना के नए मामलों से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर हेपेटाइटिस का जानलेवा प्रकोप भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. सबसे ज्यादा असर थ्रिसूर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां अचानक हेपेटाइटिस के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है. स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर चेतावनी जारी कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

थ्रिसूर जिले में हेपेटाइटिस के मामलों में अचानक इजाफा होने के बाद प्रशासन अलर्ट पर आ गया है. जिला चिकित्सा अधिकारी (DMO) ने साफ कहा है कि सिर्फ उबला हुआ और फिल्टर किया हुआ पानी ही पीएं. बासी खाना खाने से बचें. खासकर होटलों और ढाबों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं.

कैसे फैलता है हेपेटाइटिस?

पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ समीर भाटी बताते हैं कि केरल में फैले इस संक्रमण के पीछे मुख्य वजह हेपेटाइटिस A और E वायरस है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है. बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और इस दौरान बीमारियों के फैलने का खतरा और भी ज्यादा हो जाता है. होटल-ढाबों को कहा गया है कि वे पीने के लिए पानी को अच्छे से उबाल कर ही परोसें और गर्म पानी में ठंडा पानी न मिलाएं.

हेपेटाइटिस के लक्षण क्या हैं?

Clevelandclinic के मुताबिक, हेपेटाइटिस का संक्रमण शरीर में आने के बाद उसके लक्षण दिखने में 15 से 60 दिन तक का वक्त लग सकता है. इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं. बुखार और बदन दर्द, थकान और कमजोरी, सिर दर्द और मतली, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, पेशाब का रंग गहरा हो जाना. दस्त (डायरिया) यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. खुद से दवाइयां लेने से बचें.

हेपेटाइटिस से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है

हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं. बाहर का खाना खाने से बचें, अगर मजबूरी में खाना पड़े तो साफ-सफाई का ध्यान रखें. होटल या रेस्तरां में खाने से पहले पूछ लें कि पानी उबला हुआ है या नहीं. हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं और नाखून छोटे रखें. शरीर से निकलने वाले अपशिष्ट को सही जगह पर ही फेंकें.

यात्रा के दौरान बरतें खास सावधानी

आने वाले दिनों में त्योहार और यात्रा का सीजन शुरू होने वाला है. इस दौरान खानपान और साफ-सफाई को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी जरूरी है. यदि किसी को दस्त या उल्टी जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, खुद इलाज न करें.

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