Local & National News in Hindi

करेंट से झुलसा छात्र, डॉक्टर को दिखाने की बजाय 35 मिनट तक मिट्टी में दबाया, फिर क्या हुआ?

5

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मूढापांडे थाना इलाके में एक युवक हाईटेंशन लाइन से झुलस गया और उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान मोनीश के रूप में हुई है. मोनीश 10वीं कक्षा में पढ़ता था. मूढापांडे थाना इलाके के दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे के नियामतपुर इकरोटिया टोल प्लाजा के पास मोनिश अपने चार दोस्तों के साथ पेड़ पर जामुन तोड़ने के लिए चढ़ा था.

मोनीश पेड़ पर चढ़कर जामुन तोड़ रहा था कि अचानक उसका हाथ पेड़ से टकराकर वहां से गुजर रही 11000 की हाइट टेंशन लाइन पर पड़ गया. हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से वो झुलसने लगा. मोनीश को झुलसता देख उसके दोस्त अपनी जान बचाकर भाग गए. स्थानीय लोगों की नजर जब मोनीश पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल विद्युत विभाग को फोन करके घटना की जानकारी दी.

युवक को लोग 35 मिनट तक मिट्टी में दबाए रहे

युवक के हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने की जानकारी जैसे ही विद्युत विभाग को मिली तो उन्होंने सप्लाई बंद कर दी. युवक करीब 10 मिनट तक लाइन से चिपका रहा. फिर स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसको उतारा, लेकिन, डॉक्टर के पास ले जाने की जगह युवक को लोग 35 मिनट तक मिट्टी में दबाए रहे. इस दौरान सिर्फ उसका चेहरा बाहर था. साथ ही पुलिस को भी इसकी सूचना दी.

पुलिस ने भिजवाया अस्पताल

पुलिस मौके पर 35 मिनट बाद पहुंची. इसके बाद पुलिस ने युवक को मिट्टी से निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. मोनीश की करंट की चपेट में आने की सूचना मिलते ही उसके परिवार वाले और गांव के लोग भी दौड़कर मौके पर पहुंचे. गांव के लोगों ने बताया कि जामुन के पेड़ के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई है.

लोगों का दिखा अंधविश्वास

वहीं मुरादाबाद पुलिस मृतक के शव का पंचनामा किया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है. इस मामले में अंधविश्वास भी देखने को मिला. लोगों ने युवक को अस्पताल ले जाने की बजाय 35 मिनट तक मिट्टी के ढेर में दबा कर रखा. इस लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि अगर लोग युवक को समय से अस्पताल ले गए होते तो शायद युवक की जान बच सकती थी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.