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पंजाब के 31 लाख परिवारों को बड़ा झटका, माझा और दोआबा सबसे अधिक प्रभावित

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चंडीगढ़: पंजाब के स्मार्ट राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के करीब 31.39 लाख लाभार्थियों को अब 1 जुलाई 2025 से मुफ्त राशन नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रमाणीकरण न करवाने के चलते इन लोगों की जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए राशन आवंटन रोक दिया गया है।

केंद्र सरकार ने शुरुआत में लाभार्थियों को 31 मार्च तक ई-केवाईसी करवाने का समय दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार के अनुरोध पर यह अवधि 30 जून तक बढ़ा दी गई। फिर भी, राज्य के 1.59 करोड़ राशन कार्ड धारकों में से 1.25 करोड़ ने ही ई-केवाईसी पूरी की है, जबकि 31.39 लाख लाभार्थी अब भी इससे वंचित हैं। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ उन्हीं लाभार्थियों को राशन मिलेगा, जिन्होंने फिंगरप्रिंट और आधार लिंकिंग के जरिए EKYC प्रक्रिया पूरी कर ली है। आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई तक लगभग 33 लाख लाभार्थी EKYC नहीं करवा पाए थे, लेकिन बाद के 1.25 महीनों में करीब 1.61 लाख लोगों ने EKYC करवाई।

सबसे पिछड़े जिले:
माझे और दोआबे के जिलों में ई-केवाईसी की प्रक्रिया काफी धीमी रही है। कुछ प्रमुख जिलों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

अमृतसर: 3.68 लाख
लुधियाना: 3.31 लाख
गुरदासपुर: 2.62 लाख
जालंधर: 2.60 लाख
तरनतारन: 1.87 लाख
होशियारपुर: 1.80 लाख
पटियाला: 1.60 लाख

भारत सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत, ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसमें राशन कार्ड को आधार से लिंक करना, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवाना और फिजिकल वेरिफिकेशन शामिल है, ताकि अयोग्य लाभार्थियों की छंटनी की जा सके। गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब सरकार द्वारा की गई फिजिकल जांच में कई लाभार्थी अपात्र पाए गए, जिससे यह सख्ती और ज़रूरी मानी जा रही है।

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