दुनिया की टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) ने एक बड़ा खुलासा किया है. FATF की नई रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकवादी संगठन अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन पेमेंट सर्विसेस का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं. ये प्लेटफॉर्म अब आतंक की फंडिंग और तैयारियों का अहम जरिया बनते जा रहे हैं.
रिपोर्ट में भारत के दो बड़े मामलों का ज़िक्र भी किया गया है. इसमें 2019 का पुलवामा हमला है, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे. दूसरा 2022 का गोरखनाथ मंदिर हमला, जिसमें एक आईएसआईएस समर्थक ने हमला किया था. दोनों मामलों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन्स के जरिए टेरर फाइनेंसिंग के सबूत मिले हैं.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.