गुना। बमोरी तहसील के विशनवाड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले आंखवारा गांव के ग्रामीण इन दिनों गंभीर जल संकट और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने की दोहरी मार झेल रहे हैं। गांव में पेयजल का कोई स्वच्छ स्रोत न होने के कारण लोग नाली और पोखर का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इसी समस्या को लेकर गांव की कई महिलाएं दूषित पानी की बोतलें लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचीं और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई।
महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही सबके सामने गंदा पानी पीकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और कलेक्टर से सीधा सवाल किया कि क्या वे ऐसा दूषित पानी पी सकते हैं। महिलाओं ने बताया कि गांव में न तो कोई ट्यूबवेल है और न ही हैंडपंप, और तो और नल-जल योजना भी अब तक उनके गांव तक नहीं पहुंच पाई है। पेयजल के साथ-साथ, महिलाओं में इस बात को लेकर भी गहरा आक्रोश था कि उनके गांव में अधिकांश पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है।
हालांकि, जनसुनवाई के बाद कलेक्टर किशोर कन्याल ने महिलाओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल गांव में पानी की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने महिलाओं को आश्वस्त किया है कि उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है और जल्द ही पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा और उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिलेगी।
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