बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया है. विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कई इलाकों में आधार कार्ड को प्रमाणपत्र के रूप में स्वीकार किया जा रहा है, तो किसी इलाके में अधिकारी आधार कार्ड को प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं कर रहे हैं. विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रमाणपत्र के रूप में वोटर कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड भी शामिल करें. हालांकि आधार कार्ड में साफ रूप से लिखा हुआ है कि आधार कार्ड पहचान का प्रमाणपत्र है, नागरिकता का नहीं.
भारत में रहने वाले लगभग हर व्यक्ति के पास आज आधार कार्ड है. यह 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किया जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में जब नागरिकता से जुड़े मामलों जैसे एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) और सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) पर बहस तेज हुई, तब बार-बार यह सवाल उठाया गया: क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

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