Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
MIDI Health Analysis: Honest Understanding of Profiles and Experts in 2026 ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म...

राजनीतिक और धार्मिक उद्देश्यों के लिए तिरंगे के उपयोग पर रोक लगाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को करेगा सुनवाई

उच्चतम न्यायालय 14 जुलाई को एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे किसी भी राजनीतिक दल या धार्मिक संगठन द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के “राजनीतिक या धार्मिक उद्देश्यों” के लिए किए जा रहे उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कदम उठाएं.

यह याचिका राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 और भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की मांग करती है, ताकि तिरंगे का सम्मान बना रहे और उसका कोई दुरुपयोग न हो.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ की ओर से इस याचिका पर सुनवाई की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका

याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को उचित रिट या आदेश जारी कर यह सुनिश्चित करें कि तिरंगे का उपयोग किसी भी राजनीतिक दल या धार्मिक संस्था द्वारा उनके प्रचार या विचारधारा के समर्थन में न किया जाए.

याचिका में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज पर पार्टी का लोगो, धार्मिक प्रतीक या किसी प्रकार का लेख अंकित करना न केवल असंवैधानिक है बल्कि यह राष्ट्रध्वज की गरिमा के विरुद्ध भी है. इसमें राजनीतिक रैलियों, धार्मिक आयोजनों या चुनाव प्रचार के दौरान तिरंगे का इस्तेमाल रोकने की मांग भी शामिल है.

याचिका पर 14 जुलाई को होगी सुनवाई

भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में तिरंगे के प्रयोग से जुड़ी स्पष्ट व्यवस्थाएं हैं, जिनका उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है. बावजूद इसके, पिछले कुछ वर्षों में कई अवसरों पर तिरंगे का राजनीतिक और धार्मिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग देखा गया है. सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत दायर याचिका पर 14 जुलाई को सुनवाई होगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.