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निमिषा प्रिया ही नहीं, इतने भारतीयों पर दुनिया की जेलों में लटक रही सजा-ए-मौत की तलवार

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यमन में फांसी की सजा पाने वाली भारतीय नर्स निमिषा को फांसी होने में दो दिन से कम का समय बचा है. उनको बचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें परिवार को ब्लड मनी देने का प्रस्ताव भी रखा गया है. केरल के पलक्कड़ जिले की 38 साल की नर्स निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर की हत्या का दोषी ठहराया गया था.

निमिषा को 2020 में मौत की सजा सुनाई गई और 2023 में उनकी अंतिम अपील खारिज कर दिया गया. उन्हें 16 जून का फांसी दी जाएगी. निमिषा का कोई अकेला मामला नहीं ऐसे कई भारतीय हैं, जिनको विदेशों में फांसी की सजा सुनाई गई है. इसको लेकर MEA से सवाल किया गया था कि ऐसे कितने भारतीय हैं, जो खाड़ी देशों की जेलों में बंद है और उन्हें मौत की सजा दी गई है.

विदेशों में भारतीयों को मृत्युदंड

विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि विदेशी अदालतों द्वारा मौत की सजा पाए भारतीय नागरिकों की संख्या 54 है. जिसमें कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. सबसे ज्यादा UAE में 29 भारतीय को फांसी की सजा दी गई है, उसके बाद सऊदी में 12 भारतीय को, कुवैत में 3 और कतर में एक भारतीय को सजा-ए-मौत सुनाई गई है.

क्या निमिषा की रुक पाएगी फांसी?

निमिषा की फांसी को रोकने के लिए प्रयास लगातार जारी है. निमिषा के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह ब्लड मनी को मंजूरी दे, ताकि पीड़ित परिवार को पैसे देकर, निमिषा की सजा माफ करा ली जाए. इसके लिए निमिषा के परिवार ने 10 लाख डॉलर का प्रस्ताव रखा है.

वहीं केरल के CM पिनराई विजयन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर केरल की नर्स निमिषा की जान बचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. हालांकि विदेश मंत्रालय की ओर से निमिषा मामले में सभी पहलुओं के जरिए बचाव की कोशिश जारी है.

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