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पहलगाम से लेकर डोनाल्ड ट्रंप तक… सरकार ने कहा- मानसून सत्र में चर्चा को तैयार, हमेशा पीएम को घसीटना सही नहीं

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संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), पहलगाम आतंकवादी हमला और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के दावों समेत कई अन्य मुद्दे उठाए. साथ ही सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग भी मांगा. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जस्टिस वर्मा के मसले पर कहा कि सभी दल मिलकर चर्चा करेंगे. साथ ही कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है.

सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि आज रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में 51 दलों के अलावा निर्दलीय और छोटे दलों के 56 लोगों ने हिस्सा लिया. इसमें 40 लोगों ने अपनी बात रखी. उन्होंने बताया, “बैठक के दौरान हमने कहा कि सबको मिलकर काम करना होगा, सदन अच्छे से चले ये विपक्ष सरकार सबकी जिम्मेदारी है.”

हम चर्चा करने के लिए तैयारः रिजिजू

उन्होंने कहा, “हम खुले दिल से चर्चा करने के लिए तैयार हैं. हम सदन की कार्यवाही को लेकर नियम और परंपरा के अनुरूप चलेंगे.” (ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम के बयान की मांग पर पर) उन्होंने कहा कि पीएम सत्र के दौरान हमेशा सदन में रहते हैं अगर वो विदेश या किसी राज्य के दौरे पर नहीं रहते हैं तब. पीएम अपने सवाल जवाब के दिन सदन में रहते हैं. वह सबसे ज्यादा सदन में रहने वाले पीएम हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “पीएम को हमेशा घसीटना ठीक नहीं. कैबिनेट सामूहिक जिम्मेदारी से चलता है. हम पहलगाम समेत सभी अहम मसलों पर चर्चा करने को तैयार हैं. सरकार चर्चा से भाग नहीं रही लेकिन इसकी भी नियम और परंपरा है. उसके तहत हम हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार हैं.”

सही जगह पर दिया जाएगा जवाबः रिजिजू

ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने का कई बार दावा किए जाने और विपक्ष द्वारा इस मसले को उठाए जाने के दावे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका का राष्ट्रपति हो या कहीं और का हो… उपयुक्त जवाब संसद में या सही जगह पर दिया जाएगा.

जस्टिस वर्मा के मसले पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने के प्रस्ताव पर सभी दल मिलकर चर्चा करेंगे और इस मसले पर आगे बढ़ेंगे. उन्होंने आगे कहा कि पहले ही जस्टिस वर्मा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं के 100 से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके हैं.

संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा, “विपक्ष ने अपनी सारी बात रखी है. दोनों गुट और बीच वालों ने भी अपनी बात रखी है और हम इन सभी मसलों को संसद में ले जाएंगे, इस पर क्या चर्चा की जानी है और क्या नहीं, इसका निर्णय BAC (व्यावसायिक सलाहकार समिति) में किया जाएगा.

PM मोदी संसद में बयान देंः गौरव गोगोई

इससे पहले कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रपति ट्रंप के दावों, उन चूकों जिनके कारण पहलगाम आतंकी हमला हुआ और बिहार में वोटर लिस्ट के एसआईआर प्रक्रिया पर पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बयान दिए जाने की मांग करती है. उनका कहना है कि पीएम मोदी का यह दायित्व बनता है कि वो इन प्रमुख मुद्दों पर संसद में बयान दें.

इससे पहले केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की अगुवाई में हुई बैठक में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया.

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