मस्जिद में अखिलेश यादव और शिव भक्तों के साथ इकरा हसन, सपा नेताओं की सद्भाव वाली पॉलिटिक्स के क्या हैं मायने?
उत्तर प्रदेश में 2 साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सद्भाव वाली पॉलिटिक्स में जुटे हैं. एक ओर जहां उनकी सांसद इकरा हसन सहारनपुर में कावंड़ियों के कैंप में पहुंचती हैं तो वहीं अखिलेश खुद संसद मार्ग स्थित एक मस्जिद में हाजिरी लगाते हैं. उन्होंने यहां पर राजनीतिक बैठक की. अखिलेश का ये कदम बीजेपी को रास नहीं आया और उसने इसे असंवैधानिक करार दिया. बीजेपी ने सपा पर धार्मिक स्थल का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगाया.
बीजेपी के आरोपों का अखिलेश ने जवाब भी दिया. सपा प्रमुख ने कहा कि आस्था जोड़ती है और जो आस्था जोड़ने का काम करती है, हम उसके साथ है. लेकिन बीजेपी चाहती है कि कोई जुड़े नहीं. दूरियां बनी रहें. हम सभी धर्मों में आस्था रखते हैं. बीजेपी का हथियार धर्म है.
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