Local & National News in Hindi

OBC परिवार की बेटियों को बड़ा तोहफा, शादी में मिलेंगे इतने रुपये, योगी सरकार ला रही प्रस्ताव

11

उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछड़े वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब उन्हें शादी के लिए मिलने वाली अनुदान राशि में भारी वृद्धि की जाएगी. वर्तमान में दी जा रही 20,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 35,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है. यह घोषणा पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने की, जिन्होंने बताया कि इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जाएगा.

नरेंद्र कश्यप ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर 20,000 रुपये की मौजूदा अनुदान राशि अपर्याप्त साबित हो रही थी. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकि पिछड़े वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों की शादी में पर्याप्त आर्थिक सहायता मिल सके. उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो सरकार की इस दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

किसे मिलेगा फायदा?

यह योजना उन परिवारों के लिए डिज़ाइन की गई है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है. यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लक्षित करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सामाजिक और आर्थिक बाधाओं के कारण बेटियों के विवाह में कोई रुकावट न आए.

एक उल्लेखनीय बात यह भी है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इससे अधिक अनुदान प्रदान किया जाता है, जिसके कारण पिछड़े वर्ग की बेटियों के लिए चलाई जा रही इस विशेष योजना में लोगों की रुचि कम हो रही थी. अनुदान राशि में वृद्धि का यह प्रस्ताव इस असमानता को दूर करने और इस योजना को अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से लाया गया है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें और अपनी बेटियों के विवाह को सफलतापूर्वक संपन्न कर सकें.

मंत्री के मुताबिक, यह कदम केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेश और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है. पिछड़े वर्ग की बेटियों को विवाह के लिए पर्याप्त सहायता मिलने से न केवल उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि यह उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थान प्राप्त करने में भी मदद करेगा. उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय निश्चित रूप से लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है और यह दर्शाता है कि सरकार वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.