चुनाव आयोग ने कल रविवार को बताया कि बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण की प्रक्रिया के खत्म होने के बाद 7.24 करोड़ फॉर्म जमा किए गए. यह संख्या बिहार में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से एक दिन पहले 24 जून को रजिस्टर्ड वोटर्स की कुल संख्या से 65 लाख यानी 8% कम है. जबकि पिछले साल देश में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या से यह 48 लाख यानी 6.2% कम है. 5 साल पहले 2020 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या की तुलना में 12 लाख (1.6%) कम है.
बिहार में वोटर्स की संख्या में साफ तौर पर गिरावट दिख रही है, साल 2005 में हुए 2 विधानसभा चुनावों के बाद से राज्य में लगातार 2 चुनावों के बीच ऐसा पहली बार हो रहा है. हालांकि चुनाव आयोग की ओर से फाइनल वोटर लिस्ट 30 सितंबर को पब्लिश की जानी है. गिरावट का यह ट्रेंड दोनों तरह के चुनावों में बना रहा. राज्य में लगातार 2 विधानसभा चुनाव हुए या फिर विधानसभा और लोकसभा चुनाव कराए गए.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.