जालंधर : पिछले दिनों जालंधर के सिविल अस्पताल दाखिल में 3 मरीजों को ऑक्सीजन न मिलने के कारण मृत्यु हो गई थी। उसके कुछ दिनों बाद पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बताया गया था कि पंजाब के सभी सरकारी सिविल अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है लेकिन सच्चाई कुछ और ही नजर आ रही है।
यह तस्वीरे जालंधर के सिविल अस्पताल की है जहां पर जगह-जगह कूड़े के ढेर और सड़कों में गड्ढे ओर कबाड़ हो चुकी एम्बुलेंस काफी सालों से ऐसे ही खड़ी हैं। आम नागरिक सिविल अस्पताल में अपना स्वास्थ्य का इलाज करवाने के लिए आते हैं। लेकिन लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला सिविल अस्पताल खुद ही बीमार नजर आ रहा है।
किसी भी सरकारी अस्पताल में कोई भी अप्रिय घटना घटती है तभी ही प्रशासन क्यों जागता है। इससे पहले क्यों नहीं इन समस्याओं का समाधान किया जाता। अगर समय रहते इस समस्याओं का का हल कर दिया जाए, तो किसी भी सरकारी अस्पताल में जालंधर सरकारी अस्पताल जैसी घटना दोबारा घटित न होगी।
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