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दिल्ली-यूपी हो, चाहे हरियाणा-पंजाब या फिर कोलकाता… दिवाली और छठ पर बिहार जाने के लिए इस दिन से शुरू होगी बस की बुकिंग

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बिहार जाने वालों के लिए एक जरूरी सूचना है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने बताया कि दिवाली और छठ पर जाने के लिए दिल्ली समेत प्रमुख स्टेशनों से कब से बुकिंग शुरू होगी. सूचना के मुताबिक, 1 सितंबर से बस टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं. ये बसें दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, पानीपत, लखनऊ, सिलीगुड़ी और कोलकाता जैसे शहरों से चलेंगी.

ये बसें बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, पूर्णिया और दरंभगा के लिए चलेंगी. 1 सितंबर से बस सेवा की बुकिंग शुरू हो जाएगी. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने बताया बस सेवा 20 सितंबर से शुरू होगी और 30 नवंबर तक चलेगी.

22 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहा है और 2 अक्टूबर को दशहरा है. 20 अक्टूबर को दिवाली और 28 अक्टूबर को छठ का सुबह का अर्घ्य है. परिवहन निगम ने इसका प्रचार जोर-शोर से शुरू कर दिया है और इसके लिए अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन भी दिया गया है. विज्ञापन के मुताबिक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुल 12 शहरों से बिहार के छह शहरों के लिए लगभग सवा दो महीने बस सेवा चलेगी.

कहां से कर सकते हैं टिकट बुक?

बस टिकट की एडवांस बुकिंग 1 सितंबर से चालू हो जाएगी और निगम की साइट https://bsrtc.bihar.gov.in/ पर टिकट खरीदे जा सकते हैं. परिवहन निगम के मुताबिक 20 सितंबर से 30 नवंबर तक पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया से दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, कौशांबी, गुरुग्राम, पंचकूला, अंबाला, चंडीगढ़, पानीपत, सिलीगुड़ी और कोलकाता के बीच हर रोज बस चलेगी. परिवहन निगम ने बताया है कि पर्व-त्योहार के मौके पर लगभग सवा दो महीने तक इन शहरों के बीच एसी और डीलक्स बसों का परिचालन होगा.

बसों से होता है भीड़ का बोझ कम

दिल्ली, यूपी, पंजाब, पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में काम की वजह से रहने वाले बिहारियों की संख्या ज्यादा है जो दशहरा से ही लौटना शुरू कर देते हैं. दिवाली से छठ पर्व के दौरान यह भीड़ बेतहाशा हो जाती है. उस समय सफर के लिए ट्रेन में टिकट मिलना एक सपना बन जाता है. जिनके पास टिकट हो वो भी मुश्किलों के साथ सफर करते हैं. ऐसी हालत में बिहार आने-जाने के लिए ये बसें भीड़ का बोझ कुछ कम तो कर सकती हैं, लेकिन प्रवासियों की तादाद इतनी ज्यादा है कि वो कितने लोगों को राहत देगी, कहा नहीं जा सकता है.

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