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गाजा ही नहीं इस मुस्लिम देश में भी भूख से मर रहे लोग, 2023 में शुरू हुई लड़ाई का नहीं हो रहा अंत

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UN की ओर से गाजा में आधिकारिक तौर से भुखमरी घोषित कर दी गई है. गाजा की भुखमरी किसी अकाल या सूखे से नहीं बल्कि इजराइल के आक्रमण और सहायता प्रतिबंध की वजह से बनी है. गाजा के भयावह मंजर ने पूरी दुनिया को झकझोर के रख दिया है. गाजा से करीब 1200 किलोमीटर दूर भी कुछ हालात ऐसे ही हैं. सूडान के डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक 23 अगस्त तक, पिछले दो महीनों में सूडान के दक्षिण कोर्डोफ़ान राज्य में कुपोषण से कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है. नेटवर्क ने खुलासा किया कि ज़्यादातर पीड़ित महिलाएं और बच्चे थे.

सूडान में 2023 से गृह युद्ध चल रहा है. नेटवर्क की इस खुलासे ने संघर्ष में फंसे परिवारों की कमजोरी उजागर की है. समूह ने यह भी बताया कि 19 हजार से ज़्यादा गर्भवती और बच्चों वाली महिलाओं को तत्काल खाने की जरूरत है.

डॉक्टरों और सहायता कर्मियों ने चेतावनी दी है कि खाना और दवा की कमी महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है. कुपोषण की वजह से नवजात शिशुओं का वजन कम हो रहा है और पर्याप्त पोषण न मिलने से माताएं कमजोर हो रही हैं.

भुखमरी को सैन्य रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर रहा है RSF

देश की रैपिड सपोर्ट फोर्सेज सूडान की सेना के साथ 2023 से संघर्ष कर रही हैं. सूडान के डॉक्टर्स नेटवर्क ने जानबूझकर भुखमरी को सैन्य रणनीति के रूप में इस्तेमाल करने की निंदा की और इसे ‘मानवता के विरुद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध’ बताया.

इसने रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (RSF) पर दक्षिण कोर्डोफ़ान में खासकर कडुगली और दालंज शहरों में, जहां भोजन और दवा की पहुंच प्रतिबंधित है, नागरिकों पर घेराबंदी करने का आरोप लगाया है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की अपील की है.

गाजा में बिगड़ रहे हालात

गाजा में अप्रैल से ही इजराइल ने मानवीय सहायता पर प्रतिबंध लगा रखा है. जिसके कारण गाजा भुखमरी के हालात बन गए हैं. UN के मुताबिक भुखमरी से अब 61 से ज्यादा गांजा वासियों की मौत हो चुकी है, जिसमें ज्यादातर बच्चे हैं.

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