नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ भड़के युवाओं का आंदोलन अचानक राजनीतिक तूफान बन गया. महज दो दिन में ही हालात इतने बिगड़े की प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा. अब पूरा नेपाल सेना के कंट्रोल में है. 17 साल पहले नेपाल ने राजशाही से लोकतंत्र की ओर कदम बढ़ाया था, लेकिन आज वहां फिर राजशाही वापसी की मांग गूंजने लगी है.
लेकिन यह सिर्फ नेपाल की कहानी नहीं है. दुनिया के कई लोकतांत्रिक देश भी पिछले एक साल में कमजोर हुए हैं. स्टॉकहोम स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (IDEA) की रिपोर्ट द ग्लोबल स्टेट ऑफ डेमोक्रेसी 2025 इसका सबूत देती है.
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